ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

देवशयनी — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

🔍
व्रत विधि

देवशयनी एकादशी से देवउठनी तक शुभ कार्य क्यों नहीं करते?

चातुर्मास: विष्णु निद्रा (दैवी कृपा अनुपलब्ध), वर्षा ऋतु (यात्रा कठिन), तप-साधना काल, जीव रक्षा (अहिंसा)। वर्जित: विवाह, मुण्डन, गृह प्रवेश। अनुमत: पूजा, व्रत, दान। देवउठनी = मुक्ति → विवाह आरम्भ।

चातुर्मासदेवशयनीदेवउठनी
व्रत विधि

हरिशयनी एकादशी पर विष्णु पूजा कैसे करें?

हरिशयनी एकादशी: आषाढ़ शुक्ल एकादशी। विष्णु योगनिद्रा आरम्भ, चातुर्मास प्रारम्भ (4 माह शुभ कार्य वर्जित)। विधि: विष्णु शयन सज्जा → षोडशोपचार → 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 1008 जप → चातुर्मास संकल्प → दान। प्रबोधिनी तक विष्णु सोते हैं।

हरिशयनी एकादशीदेवशयनीचातुर्मास
व्रत एवं पर्व

देवशयनी और देवउठनी एकादशी में क्या अंतर है

देवशयनी (आषाढ़ शुक्ल एकादशी) = विष्णु का शयन, चातुर्मास आरम्भ, शुभ कार्य बन्द। देवउठनी (कार्तिक शुक्ल एकादशी) = विष्णु का जागरण, चातुर्मास समाप्त, शुभ कार्य + विवाह आरम्भ, तुलसी विवाह। ~4 मास अन्तराल। पद्मपुराण: देवउठनी = 1000 अश्वमेध फल।

देवशयनीदेवउठनीएकादशी

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।