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देव कार्य प्रश्नोत्तरी — 4 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित देव कार्य विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

ब्राह्मण भोजन

देव कार्य के लिए कितने ब्राह्मण होने चाहिए?

श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार श्राद्ध में देव कार्य के लिए दो ब्राह्मणों को भोजन कराने का विधान है। दो युग्म अर्थात् सम संख्या है, जबकि पितृ कार्य के लिए विषम संख्या एक, तीन, पाँच होती है। ब्राह्मण भगवान के भक्त, ज्ञाननिष्ठ और योगी होने चाहिए।

देव कार्यदो ब्राह्मणश्रीमद्भागवत
ब्राह्मण भोजन

श्राद्ध में कितने ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए?

श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार श्राद्ध में देव कार्य के लिए दो और पितृ कार्य के लिए तीन या अयुग्म विषम संख्या जैसे एक, तीन, पाँच ब्राह्मणों को भोजन कराने का विधान है। ब्राह्मणों को आदरपूर्वक बैठाकर, पूर्वजों की उपस्थिति की भावना से भोजन कराकर, दक्षिणा और वस्त्र देकर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।

ब्राह्मण भोजनदेव कार्यपितृ कार्य
लोक

देव कार्य और पितृ कार्य की जनेऊ मुद्रा में क्या अंतर है?

देव कार्य में सव्य, पितृ कार्य में अपसव्य और ऋषि तर्पण में निवीत मुद्रा रखी जाती है।

जनेऊ मुद्रादेव कार्यपितृ कार्य
लोक

पितृ कार्य को देव कार्य जितना महत्वपूर्ण क्यों माना गया है?

तैत्तिरीय उपनिषद् देव और पितृ कार्यों में प्रमाद न करने का आदेश देता है, इसलिए पितृ कार्य देव कार्य जितना आवश्यक है।

पितृ कार्यदेव कार्यतैत्तिरीय उपनिषद

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।