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नेति नेति — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

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शास्त्र ज्ञान

उपनिषद में ध्यान का मार्ग क्या है?

उपनिषदों में ध्यान के तीन मुख्य मार्ग हैं — ओम्-उपासना (माण्डूक्य), 'नेति नेति' — निराकरण मार्ग (बृहदारण्यक 4/3/32) और 'सोऽहम्' — प्राण-ध्यान। तुरीय अवस्था — शुद्ध साक्षी-चेतना — ध्यान की परिणति है जहाँ 'अयमात्मा ब्रह्म' का साक्षात्कार होता है।

ध्यान मार्गउपनिषदओम्
शास्त्र ज्ञान

उपनिषद में ब्रह्म का वर्णन कैसे है?

उपनिषदों में ब्रह्म को 'सत्यं ज्ञानमनन्तं' (तैत्तिरीय 2/1) और 'नेति नेति' (बृहदारण्यक 3/9/26) से परिभाषित किया गया है। केनोपनिषद कहता है — ब्रह्म मन-इंद्रियों से परे है। चार महावाक्य — 'अहं ब्रह्मास्मि', 'तत्त्वमसि', 'प्रज्ञानं ब्रह्म', 'अयमात्मा ब्रह्म' — उपनिषदों का सार हैं।

ब्रह्मउपनिषदनिर्गुण
दर्शन

नेति नेति का अर्थ क्या है उपनिषदों में?

'नेति नेति' (यह नहीं, यह नहीं) = बृहदारण्यक उपनिषद (2.3.6)। ब्रह्म को जानने की निषेध विधि — जो कुछ भी सीमित/नाशवान/दृश्य है, वह ब्रह्म नहीं। सब नकार दो, जो शेष बचे वही ब्रह्म। शंकराचार्य: यह शून्य नहीं, अतिरेक है।

नेति नेतिबृहदारण्यक उपनिषदनिर्गुण ब्रह्म

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।