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पूजा जल प्रश्नोत्तरी — 3 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित पूजा जल विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

साधना के चरण

तीर्थ प्राशन क्या होता है और कैसे करते हैं?

तीर्थ प्राशन: पूजा के जल को दाहिने हाथ की गोकर्ण मुद्रा (गाय के कान जैसी) बनाकर ग्रहण करें — यह भैरव की ऊर्जा को भीतर आत्मसात करने की अंतिम क्रिया है।

तीर्थ प्राशनगोकर्ण मुद्रापूजा जल
पूजा विधि एवं नियम

पूजा के बाद आरती का जल कहाँ डालें?

पूजा और आरती का जल तुलसी के पौधे में, पीपल की जड़ में या पवित्र नदी में डालें। इसे नाली या अपवित्र स्थान में न बहाएं। चरणामृत प्रसाद रूप में ग्रहण करना सर्वोत्तम है।

आरतीपूजा जलगंगाजल
पूजा विधि

पूजा में उपयोग किया गया जल कहाँ फेंकें

पूजा जल तुलसी के पौधे, पीपल/बरगद की जड़ या बगीचे में डालें। चरणामृत प्रसाद के रूप में ग्रहण करें, फेंकें नहीं। नाली, शौचालय या कूड़ेदान में कभी न डालें। फ्लैट में गमले के पौधे में डालना उत्तम विकल्प है।

पूजा जलचरणामृतविसर्जन

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।