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बोलना प्रश्नोत्तरी — 3 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित बोलना विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

हवन/यज्ञ

हवन में स्वाहा बोलने का क्या अर्थ है?

'सु+आहा'='अच्छी तरह अर्पित।' अग्नि=देवमुख, स्वाहा=अग्नि पत्नी (पुराण)। 'हे अग्नि, देवता तक पहुंचाओ!' 'इदं न मम'='मेरा नहीं'=समर्पण। बिना स्वाहा=अधूरी।

स्वाहाअर्थबोलना
मंत्र विधि

मंत्र जप के दौरान कोई बोलने लगे तो क्या करना चाहिए?

सामान्यतः बीच में बोलना अनुशंसित नहीं। अत्यावश्यक: रोकें → बात → पुनः जप। अनावश्यक: संकेत दें, बाद में। अनुष्ठान: मौन अनिवार्य। दैनिक: अत्यधिक कठोरता न रखें। निश्चित समय/स्थान = बाधा न्यूनतम। नियमितता > कठोरता।

बाधाबोलनानियम
जीवन एवं मृत्यु

क्या मृत्यु के समय व्यक्ति बोल सकता है?

गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के समय सबसे पहले बोलने की शक्ति चली जाती है। व्यक्ति सुन और अनुभव कर सकता है, परंतु बोल नहीं पाता। इसीलिए मरणासन्न व्यक्ति को भगवान का नाम सुनाने का विधान है।

मृत्युवाणीबोलना

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।