ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

महालय श्राद्ध प्रश्नोत्तरी — 8 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित महालय श्राद्ध विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 8 प्रश्न

लोक

काम्य श्राद्ध और महालय श्राद्ध में क्या अंतर है?

काम्य इच्छा हेतु, महालय पितृ कर्तव्य हेतु।

काम्य श्राद्धमहालय श्राद्धनैमित्तिक
लोक

महालय श्राद्ध क्या है?

पितृ पक्ष में किया गया श्राद्ध महालय श्राद्ध है।

महालय श्राद्धपितृ पक्षआश्विन कृष्ण
लोक

महालय श्राद्ध क्या है?

पितृ पक्ष में किया जाने वाला श्राद्ध महालय श्राद्ध है।

महालय श्राद्धपितृ पक्षकनागत
पुराण माहात्म्य

महालय का श्राद्ध न करने वाले का क्या होता है?

महालय का श्राद्ध न करने वाले के तीन प्रमुख दुष्परिणाम होते हैं। पहला, भगवान शम्भु यानी शिव कुपित होकर ब्रह्म-वर्चस्व यानी तेज और पुण्य का सर्वथा नाश करते हैं। दूसरा, मृत्यु के बाद रौरव और कालसूत्र नामक भयंकर नरकों की यातना मिलती है। तीसरा, इस लोक में भी पितृ दोष, रोग, दरिद्रता, और परिवार में कलह आती है।

महालय श्राद्धन करने का दण्डपितृ दोष
पुराण माहात्म्य

स्कन्द पुराण के नागर खण्ड में द्वितीया की क्या महिमा है?

स्कन्द पुराण के नागर खण्ड अध्याय 230 में महर्षि व्यास ने महालय की द्वितीया श्राद्ध की महिमा गाई है। जो मनुष्य द्वितीया को पूर्ण भक्ति से श्राद्ध करता है, उससे भगवान भवानीपति महेश्वर यानी शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। वह श्राद्धकर्ता मृत्यु के बाद कैलास धाम प्राप्त करता है और शिव गणों के साथ आनन्द पाता है। इस लोक में भी विपुल सम्पदा मिलती है।

स्कन्द पुराणनागर खण्डद्वितीया महिमा
तिथि श्राद्ध

कृष्ण पक्ष की द्वितीया का श्राद्ध कब होता है?

कृष्ण पक्ष की द्वितीया का श्राद्ध मुख्यतः पितृ पक्ष यानी आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया को सम्पन्न होता है। यह दिन प्रतिपदा के बाद आता है। पितृ पक्ष की कृष्ण द्वितीया पर पार्वण श्राद्ध होता है, जिसमें तीन पीढ़ियों का सतीक आवाहन होता है। किसी भी मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया को मरे पितर का वार्षिक एकोद्दिष्ट श्राद्ध भी उसी कृष्ण द्वितीया को होता है।

कृष्ण पक्ष द्वितीयामहालय श्राद्धपितृ पक्ष
लोक

पुरूरव-आर्द्र विश्वेदेव कौन हैं?

पुरूरव-आर्द्र महालय श्राद्ध में आहूत किए जाने वाले विश्वेदेव हैं, जो पितृ-कर्म के रक्षक माने गए हैं।

पुरूरव आर्द्रविश्वेदेवमहालय श्राद्ध
विशेष अमावस्या

सर्वपितृ अमावस्या का क्या महत्व है?

यह पितृ पक्ष का आखिरी दिन होता है। जिन पूर्वजों की मृत्यु तिथि याद न हो, उनका श्राद्ध इसी दिन किया जाता है। इससे सभी भूले-बिसरे पितर खुश हो जाते हैं।

सर्वपितृ अमावस्यामहालय श्राद्धपितृ पक्ष

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।