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मूर्ति स्थापना — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

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वास्तु तस्वीर नियम

घर में गणेश जी की तस्वीर किस दिशा में लगाएं?

गणेश जी की तस्वीर ईशान कोण, उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएँ। मुख्य द्वार पर भी शुभ है। सौम्य मुद्रा, सम संख्या में रखें। दक्षिणमुखी गणेश घर में न रखें।

गणेश जीतस्वीर दिशावास्तु
मंदिर नियम

मंदिर की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा कैसे होती है?

प्राण प्रतिष्ठा: जड़ मूर्ति में देवता की चैतन्य शक्ति स्थापित करना। प्रक्रिया: कलश स्थापना → न्यास (आचार्य से मूर्ति में शक्ति प्रवाह) → प्राण प्रतिष्ठा मंत्र → नेत्रोन्मीलन (सबसे महत्वपूर्ण — सोने की सलाई से आँखें खोलना) → हवन → प्रथम पूजा। केवल दीक्षित आचार्य ही करा सकते हैं।

प्राण प्रतिष्ठामूर्ति स्थापनादेवता आवाहन
मंदिर

मंदिर में किस दिशा में भगवान की मूर्ति होती है?

मूर्ति की दिशा: विष्णु — पूर्वमुखी (मानसार)। शिव — शिवलिंग पश्चिम, नंदी पूर्व (कामिकागम)। दुर्गा — उत्तरमुखी (मयमत)। गणेश — ईशान कोण (उत्तर-पूर्व)। दक्षिणामूर्ति — दक्षिणमुखी। गर्भगृह = मानव-हृदय का प्रतीक (अग्नि पुराण)।

मंदिरदिशावास्तु
पूजा विधि

पूजा के दौरान भगवान की मूर्ति कैसे रखें?

मूर्ति कैसे रखें: मुख पूर्व या पश्चिम में। ऊँचाई — आँखों के बराबर या थोड़ा ऊपर। चौकी पर — भूमि पर नहीं। गणेश सबसे पहले। खंडित मूर्ति न रखें — नदी में प्रवाहित करें। नित्य नम कपड़े से पोंछें।

मूर्ति स्थापनादिशाऊँचाई
दुर्गा पूजा

दुर्गा मां की मूर्ति स्थापना की विधि और दिशा क्या होनी चाहिए?

दिशा: पूर्व/उत्तर (ईशान कोण सर्वोत्तम)। विधि: गंगाजल शुद्धि → लाल कपड़ा चौकी → कलश → शुभ मुहूर्त में मूर्ति → प्राण प्रतिष्ठा → षोडशोपचार → सप्तशती/चालीसा → आरती। नियम: ऊंचे स्थान, शयनकक्ष से दूर, प्रतिदिन पूजा अनिवार्य।

मूर्ति स्थापनादिशादुर्गा

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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