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व्युत्पत्ति प्रश्नोत्तरी — 8 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित व्युत्पत्ति विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 8 प्रश्न

मातामह श्राद्ध

मातामह का अर्थ क्या है?

मातामह का अर्थ = 'नाना' (माता के पिता)। संस्कृत शब्द — 'माता+महः'। दौहित्र (पुत्री के पुत्र) के दृष्टिकोण से मातृकुल के सर्वोच्च पुरुष पूर्वज। मातामह श्राद्ध = नाना का श्राद्ध, प्रतिपदा तिथि पर।

मातामहनानाअर्थ
श्राद्ध परिचय

श्राद्ध शब्द का अर्थ क्या है?

'श्रद्धया दीयते यस्मात् तत् श्राद्धम्' = श्रद्धा से जो दिया जाए वही श्राद्ध। पितरों को अन्न/जल/पिण्ड/तर्पण श्रद्धा-आस्तिकता से अर्पण = श्राद्ध। मूल तत्त्व 'श्रद्धा' है।

श्राद्धव्युत्पत्तिअर्थ
लोक

अतल शब्द का क्या अर्थ है?

अतल = अ (नहीं) + तल (आधार)। अर्थात ऐसा स्थान जहाँ आत्मा का कोई वास्तविक आध्यात्मिक आधार नहीं है। यहाँ सब भौतिक सुख हैं पर आत्मज्ञान नहीं।

अतलशब्द अर्थव्युत्पत्ति
वाहन पूजन परिचय

'वाहन' शब्द का क्या अर्थ है?

'वाहन' = 'वह' धातु (ढोना/ले जाना) से व्युत्पन्न। प्राचीन काल में रथ, अश्व, गज = पुरुषार्थ और ऐश्वर्य का प्रतीक। आज यंत्र चालित यान = जीवन का अभिन्न अंग। इसीलिए अधिष्ठात्री देवताओं का आवाहन और पूजन अनिवार्य माना गया।

वाहन शब्द अर्थवह धातुढोना ले जाना
माँ सरस्वती परिचय

'सरस्वती' शब्द का क्या अर्थ है?

'सरस्वती' = 'सरस्' (प्रवाहमान जल/वाणी) + 'वती' (धारण करने वाली)। अर्थ: 'जो वाणी से युक्त है' या 'प्रचुर जल वाली'। कालांतर में यह ज्ञान-विद्या-चेतना के अमूर्त प्रवाह और अज्ञान हटाकर मोक्ष देने वाली शक्ति का द्योतक बना।

सरस्वती शब्द अर्थसरस वतीनिरुक्त
माँ लक्ष्मी परिचय और शब्द व्युत्पत्ति

'लक्ष्मी' शब्द का क्या अर्थ है?

'लक्ष्मी' शब्द के अर्थ: लाभ (पुरुषार्थ से प्राप्ति), लक्षण (विष्णु को चिह्नित करने वाली), लप्सन (कर्म की प्रेरणा), लांछन (जगत को सुशोभित करने वाली), लज्जन (विनयशीलता और मर्यादा)।

लक्ष्मी शब्द अर्थनिरुक्तव्युत्पत्ति
काशी के शिवलिंग

'शंकुकर्ण' नाम का अर्थ और व्युत्पत्ति क्या है?

'शंकु' (तीक्ष्ण/नुकीला) + 'कर्ण' (कान) = ब्रह्मांडीय नाद की सूक्ष्म आवृत्तियां ग्रहण करने में सक्षम सत्ता। यह शिवलिंग नाद-ब्रह्म का प्रतीक है — यहां मंत्र ब्रह्मांडीय ऊर्जा से अनुनाद स्थापित कर तत्काल फलित होते हैं।

शंकुकर्णनाम अर्थव्युत्पत्ति
जीवन एवं मृत्यु

प्रेत शब्द का अर्थ क्या है?

'प्रेत' = 'प्र + इत' = 'आगे गया हुआ।' यह मृत व्यक्ति की आत्मा का नाम है। गरुड़ पुराण में वह आत्मा जो मृत्यु के बाद श्राद्ध-संस्कार की प्रतीक्षा में है — वह प्रेत कहलाती है।

प्रेतअर्थव्युत्पत्ति

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।