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विस्तृत उत्तर
मातामह = एक संस्कृत शब्द जिसका स्पष्ट और सीधा अर्थ शास्त्रों में दिया गया है।
### शास्त्रीय परिभाषा:
मातामह का अर्थ है 'नाना' (माता के पिता)।
### विश्लेषण:
1व्युत्पत्ति
- ▸'माता' + 'महः' = मातामह
- ▸माता का पिता।
2लौकिक नाम
- ▸हिन्दी में = 'नाना'।
- ▸अंग्रेजी में = Maternal Grandfather।
3संबंध
- ▸माता के पिता = नाना = मातामह।
- ▸अर्थात् दौहित्र (नाती) के दृष्टिकोण से मातृकुल के सबसे ज्येष्ठ पुरुष पूर्वज।
### पारिभाषिक अंतर:
मातामह (नाना) ↔ मातामही (नानी)
- ▸मातामह = नाना (माता के पिता)
- ▸मातामही = नानी (माता की माता)
### मातामह श्राद्ध:
- ▸नाना का श्राद्ध = मातामह श्राद्ध।
- ▸यह पितृ पक्ष की प्रतिपदा तिथि को किया जाता है।
- ▸इसका अधिकार दौहित्र (पुत्री का पुत्र = नाती) को है।
### शास्त्रीय महत्व:
- ▸'मातामह' केवल लौकिक संबंध नहीं — यह सनातन धर्म में मातृकुल के सर्वोच्च पूर्वज का सम्मानजनक संस्कृत नाम है।
- ▸मातामह श्राद्ध से उन्हें असीम शांति प्राप्त होती है।
### निष्कर्ष:
मातामह = नाना (माता के पिता) — यह वह पूर्वज हैं जिनके प्रति दौहित्र को प्रतिपदा तिथि पर श्राद्ध करने का विशेष शास्त्रीय अधिकार प्राप्त है।
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