विस्तृत उत्तर
दौहित्र = एक संस्कृत शब्द जिसका शास्त्रीय अर्थ अत्यंत स्पष्ट है।
### शास्त्रीय परिभाषा:
दौहित्र का अर्थ है 'पुत्री का पुत्र' (नाती)।
### विश्लेषण:
1लौकिक नाम
- ▸हिन्दी में = 'नाती'।
- ▸अंग्रेजी में = Daughter's son / Grandson (from daughter's side)।
2संबंध
- ▸पुत्री का पुत्र = नाती = दौहित्र।
- ▸अर्थात् माता के पिता (नाना) के दृष्टिकोण से = बेटी का बेटा।
3विशेष शास्त्रीय अधिकार
- ▸दौहित्र को अपने नाना-नानी (मातामह-मातामही) का श्राद्ध करने का विशिष्ट शास्त्रीय अधिकार है।
### कब श्राद्ध कर सकता है:
यदि किसी व्यक्ति के नाना-नानी के कुल में श्राद्ध करने वाला कोई पुत्र (अर्थात् कर्ता का मामा) जीवित न हो, अथवा दौहित्र अपने मातृकुल के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना चाहता हो, तो वह प्रतिपदा तिथि को अपने नाना-नानी का श्राद्ध पूर्ण शास्त्रीय अधिकार के साथ कर सकता है।
### दौहित्र का सामर्थ्य:
याज्ञवल्क्य स्मृति और अन्य धर्मशास्त्रों के व्याख्याकारों ने यह स्पष्ट किया है कि पौत्र (पुत्र का पुत्र) और दौहित्र (पुत्री का पुत्र) दोनों समान रूप से अपने पूर्वजों को नरक से तारने की क्षमता रखते हैं।
### पौत्र और दौहित्र की समानता:
पौत्र = पुत्र का पुत्र (पोता) → पितृकुल के पूर्वजों का श्राद्ध।
दौहित्र = पुत्री का पुत्र (नाती) → मातृकुल के पूर्वजों का श्राद्ध।
दोनों की क्षमता समान — दोनों पूर्वजों को नरक से तारने की शक्ति रखते हैं।
### दौहित्र का तर्पण:
दौहित्र द्वारा किया गया तर्पण नाना-नानी को असीम शांति प्रदान करता है।
### महत्व:
दौहित्र = मातृकुल का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, जो नाना-नानी को मुक्ति दिलाने की शास्त्रीय क्षमता रखता है।
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