ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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शिव कैसे सम्बन्धित प्रश्न(208)

शिव कैसे पर शास्त्रीय व्याख्या और उत्तर — कुल 208 सम्बन्धित प्रश्न उपलब्ध हैं।  शिव को शंकर, महादेव, भोलेनाथ के रूप में भी जाना जाता है।

शिव कब (19)शिव क्यों (210)शिव कैसे (208)शिव कौन (129)भगवान शिव (36)देव शिव (6)
शिव कैसे पर पूछे गए प्रश्न
  1. शिव की कृपा से कालसर्प दोष कैसे दूर होता है?
  2. सोम प्रदोष और शनि प्रदोष में शिव पूजा कैसे अलग होती है?
  3. शिव पुराण का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
  4. समुद्र मंथन में हलाहल विष कैसे निकला?
  5. शिव मंत्र जप में संकल्प कैसे लें?
शिव पूजा

शिव की कृपा से कालसर्प दोष कैसे दूर होता है?

शिव = नागों के अधिपति → राहु-केतु (सर्प ग्रह) शांत। त्र्यंबकेश्वर (नासिक) सबसे प्रसिद्ध। रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय 1,25,000, नागपंचमी पूजा, काले तिल+दूध अभिषेक। कालसर्प दोष = ज्योतिष परंपरा — ज्योतिषी से परामर्श।

#कालसर्प दोष#शिव#निवारण
शिव पर्व

सोम प्रदोष और शनि प्रदोष में शिव पूजा कैसे अलग होती है?

सोम प्रदोष: सर्वश्रेष्ठ — दूध अभिषेक, चंद्र दोष शांति, मनोकामना, दाम्पत्य सुख। शनि प्रदोष: शनि दोष निवारण — तिल तेल दीपक, सरसों तेल अभिषेक, साढ़ेसाती/ढैय्या मुक्ति। दोनों में प्रदोष काल (संध्या) पूजा समान।

#सोम प्रदोष#शनि प्रदोष#त्रयोदशी
शिव ग्रंथ

शिव पुराण का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?

श्रावण सर्वोत्तम, शिवरात्रि/सोमवार/प्रदोष शुभ। 7 संहिताएं। शुद्ध होकर, शिव समक्ष, दीपक जलाकर। सप्ताह पारायण (7 दिन)। ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार। गीता प्रेस संस्करण सर्वमान्य। फल: सर्व पाप नाश + मोक्ष।

#शिव पुराण#पाठ#विधि
शिव महिमा

समुद्र मंथन में हलाहल विष कैसे निकला?

समुद्र मंथन में देवताओं और असुरों ने मंदराचल पर्वत और वासुकी नाग से क्षीरसागर का मंथन किया। सबसे पहले कालकूट नामक हलाहल विष निकला जो इतना भयंकर था कि उसकी ज्वाला से सम्पूर्ण सृष्टि का नाश हो सकता था।

#समुद्र मंथन#हलाहल विष#कालकूट
शिव मंत्र

शिव मंत्र जप में संकल्प कैसे लें?

संकल्प = जप से पूर्व दृढ़ निश्चय। स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। दाहिने हाथ में जल-अक्षत लेकर तिथि, गोत्र, नाम, उद्देश्य, मंत्र, संख्या बोलकर संकल्प लें। फिर जल भूमि पर छोड़ें। संकल्प लेने के बाद उसे पूर्ण करना अनिवार्य। बिना संकल्प जप अपूर्ण माना गया है।

#संकल्प#जप विधि#मंत्र अनुष्ठान
शिव स्तोत्र

शिव षड्अक्षर स्तोत्र का जप कब और कैसे करना चाहिए?

'ॐ नमः शिवाय' (6 अक्षर)। रुद्राक्ष माला, 108 बार, मध्यमा+अंगूठा (तर्जनी नहीं)। मेरु लांघें नहीं। प्रातः/संध्या/कभी भी। शंकराचार्य पंचाक्षर स्तोत्र: न-म-शि-वा-य = 5 श्लोक = पंचमहाभूत।

#षड्अक्षर#ॐ नमः शिवाय#स्तोत्र
शिव मंत्र

शिव मंत्र जप से पहले न्यास विधि कैसे करें?

न्यास = शरीर के अंगों में शिव/मंत्र शक्ति की स्थापना। 'न्यास बिना जप निष्फल' — शास्त्र वचन। करन्यास: उंगलियों पर बीजाक्षर न्यस्त करें। षडंग न्यास: हृदय, शिर, शिखा, कवच, नेत्र, अस्त्र पर स्पर्श। पंचाक्षरी न्यास: न-मः-शि-वा-य = पंचतत्व-पंचांग पर। गुरु से सीखना सर्वोत्तम।

#न्यास विधि#करन्यास#अंगन्यास
शिव पूजा

शिव की पूजा से ग्रह दोष निवारण कैसे होता है?

शिव = महाकाल, नवग्रह नियंत्रक। शनि: शनि प्रदोष + काले तिल। राहु-केतु: त्र्यंबकेश्वर/नागेश्वर। चंद्र: सोमवार + दूध। सर्व: महामृत्युंजय सवा लाख + रुद्राभिषेक + 'ॐ नमः शिवाय' 108 दैनिक।

#ग्रह दोष#निवारण#नवग्रह
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