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❓ प्रश्नोत्तरी (12)

मंगल आरती क्या होती है कैसे करें

दिन की प्रथम आरती; ~4:00-5:30 AM; भगवान को 'जगाना।' शंख→दीपक→आरती→भोग→फूल। घर: प्रातः दीपक+आरती=मंगल आरती।

स्तोत्र एवं पाठ

आरती कैसे करें?

आरती में पंचमुखी घी का दीप जलाएं। चरणों से आरंभ करके ऊपर जाएं — दक्षिणावर्त (clockwise) घुमाएं। शंख-घंटी बजाते हुए देवता की स्तुति गाएं। अंत में कपूर ...

आरती विधि

शिव जी की आरती कैसे करें?

शिव आरती में पंचमुखी घी का दीप — दक्षिणावर्त दिशा में, चरण से शिखर तक। 'ॐ जय शिव ओंकारा' गाएं। अंत में कपूर आरती करें। आरती की लौ हाथों से स्पर्श करके...

आरती विधि

मंदिर में शयन आरती क्या होती है और कब होती है?

शयन आरती: दिन की अंतिम पूजा — देवता को रात्रि विश्राम हेतु विदा। समय: रात 9-10:30। विधि: शयन भोग (दूध/मिठाई) → दीपक आरती → शयन स्तोत्र → रात्रि वस्त्र...

मंदिर पूजा

शयन आरती क्या होती है कब करें

दिन अंतिम; रात ~8:30-10PM; भगवान 'शयन' कराना। दीपक→आरती→कपाट बंद। घर: सोने पूर्व दीपक+आरती। 5 आरती: मंगल→श्रृंगार→राजभोग→संध्या→शयन।

स्तोत्र एवं पाठ

मंदिर में आरती क्यों की जाती है?

आरती क्यों: आगम शास्त्र: षोडशोपचार का अनिवार्य चरण। स्कंद पुराण: देवता-मंगल-दर्शन। विष्णु पुराण: ज्योति स्पर्श = ज्ञान-ग्रहण (नेत्र प्रकाशित)। ऋग्वेद:...

मंदिर

पूजा के बाद आरती क्यों करते हैं?

आरती क्यों: भगवान का पूर्ण दर्शन (ज्योति प्रकाश में)। पाँच इंद्रियों का एकत्र समर्पण (देखना-सुनना-सूँघना-ताप-बजाना)। स्कंद पुराण: 'आरती जैसा पाप हरने ...

पूजा रहस्य

गणेश जी की आरती कैसे करें?

गणेश आरती पंचमुखी घी के दीप से, दक्षिणावर्त 7 बार घुमाते हुए, शंख-घंटे के साथ करें। 'जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा' या 'सुखकर्ता दुखहर्ता' आरती गाएं। अ...

पूजा विधि

शिव आरती में कितने दीपक जलाने चाहिए?

न्यूनतम 1, आदर्श 2 (पूजा + आरती)। विशेष: पंचमुखी दीपक (5 बत्ती) रुद्राभिषेक में। घी का दीपक सर्वश्रेष्ठ। कर्पूर आरती अनिवार्य। शिवलिंग की दाहिनी ओर रख...

शिव पूजा विधि

मंदिर में आरती का सही समय क्या है?

मंगला(4-5AM), प्रातः(7-8), राजभोग(12PM), संध्या(6-7PM=सर्वप्रमुख), शयन(9-10PM)। घर: प्रातः+संध्या। संध्या=दिन-रात संधि=सबसे शक्तिशाली। तिरुपति=3AM, का...

मंदिर ज्ञान

शिव जी की आरती कैसे करें?

शिव जी की आरती पंचमुखी दीप या घी के दीप से, 'ओम जय शिव ओंकारा' के गायन के साथ, दक्षिणावर्त 7 बार घुमाते हुए करें। शंख-घंटा बजाएं और अंत में दीप की लौ ...

पूजा विधि

उज्जैन महाकालेश्वर के दर्शन का समय

महाकालेश्वर में भस्म आरती सुबह 4-6 बजे, दद्योदक आरती 7-7:45 बजे, भोग आरती 10-10:45 बजे, संध्या आरती 7-7:45 बजे और शयन आरती रात 10:30-11 बजे होती है। भ...

तीर्थ एवं धार्मिक स्थल