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तंत्र साधना के लिए ब्रह्ममुहूर्त (सात्विक तंत्र), प्रदोष काल (शिव-शक्ति) और मध्यरात्रि (उग्र तंत्र) शुभ हैं। अमावस्या तांत्रिक साधना की प्रमुख तिथि है...
साधना समयदक्षिणाचार (सात्विक) तंत्र — मंत्र जप, यंत्र पूजा, हवन — पूर्णतः सुरक्षित है। खतरा तब है जब: बिना गुरु उग्र मंत्र जपें, दुष्ट उद्देश्य से साधना करें, ...
तंत्र सावधानीभक्ति मार्ग से तंत्र पूजन और गुरु दीक्षा के साथ साधना सुरक्षित है। खतरा तब है जब: बिना गुरु उच्च साधना, नकारात्मक उद्देश्य (वशीकरण, मारण) या मानसिक अस...
तंत्र सावधानीतंत्र साधना के नियम (कुलार्णव तंत्र): गुरु दीक्षा, गोपनीयता, नित्यता, शुद्धि, संकल्प पूर्ति, अहिंसा और भक्ति। दस दोष वर्जित जिनमें प्रमुख हैं — अश्रद्...
तंत्र नियमतंत्र साधना के नियम: गुरु दीक्षा सर्वोपरि है। सात्विक आहार, ब्रह्मचर्य, सत्य वचन, गोपनीयता, नित्य एक समय-स्थान पर साधना और श्रद्धा अनिवार्य हैं। अहंका...
तंत्र नियमतंत्र में पति = भैरव, पत्नी = भैरवी। संयुक्त साधना: दक्षिणाचार (सात्विक — एक माला से जप), कौल पद्धति (दीक्षित दम्पति), गृहस्थ साधना (संयुक्त पूजा)। शर...
तंत्र साधनातंत्र साधना के श्रेष्ठ काल: निशीथ (रात 11:30-12:30 — केवल दीक्षित), ब्रह्ममुहूर्त (भक्ति साधना — सबके लिए), प्रदोष (शांत साधना)। अमावस्या और शारद नवरा...
साधना समयतंत्र माला: रुद्राक्ष (सर्वश्रेष्ठ — शिव-भैरव), रक्तचंदन (काली-दुर्गा), काली हकीक (काली-भैरव), स्फटिक (सात्विक तंत्र), हल्दी (कामना साधना)। नियम: गोमु...
तंत्र मालातंत्र साधना अवधि: नवरात्रि (9 रात — सर्वश्रेष्ठ), 11 रात, 41 दिन (परिपक्वता), पुरश्चरण (जप पूर्ण होने तक)। नित्य — आजीवन। नियम: शुरू की साधना पूरी करे...
साधना अवधितंत्र साधना के श्रेष्ठ स्थान: देवी मंदिर, नदी तट, पीपल वृक्ष, पर्वत/एकांत वन, शक्तिपीठ। घर का पूजा कक्ष — भक्ति साधना के लिए पर्याप्त। श्मशान — केवल अ...
साधना स्थानकाली तंत्र में दक्षिणकाली भक्ति साधना (घर पर सुरक्षित), गुरु-दीक्षित मंत्र साधना और उच्च तांत्रिक अनुष्ठान (केवल सिद्ध गुरु के साथ) — तीन स्तर हैं। घर...
काली तंत्रमंत्र = पवित्र ध्वनि (तंत्र का एक अंग)। तंत्र = सम्पूर्ण साधना प्रणाली जिसमें मंत्र + यंत्र + क्रिया तीनों शामिल हैं। केवल 'ॐ नमः शिवाय' जपना = मंत्र ...
तंत्र परिचय