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साधना अवधि📜 कुलार्णव तंत्र, महानिर्वाण तंत्र1 मिनट पठन

तंत्र साधना कितने दिन करनी चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

तंत्र साधना अवधि: नवरात्रि (9 रात — सर्वश्रेष्ठ), 11 रात, 41 दिन (परिपक्वता), पुरश्चरण (जप पूर्ण होने तक)। नित्य — आजीवन। नियम: शुरू की साधना पूरी करें। 'नित्यं सिद्धिकरी क्रिया।'

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विस्तृत उत्तर

तंत्र साधना की अवधि का नियम कुलार्णव तंत्र और महानिर्वाण तंत्र में वर्णित है:

अनुष्ठान अनुसार अवधि

| साधना | अवधि |

|-------|------|

| नवरात्रि अनुष्ठान | 9 रात — सर्वश्रेष्ठ |

| एकादश रात्रि | 11 रात |

| एकमास साधना | 41 दिन |

| पुरश्चरण | जप संख्या पूर्ण होने तक |

| नित्य साधना | आजीवन |

41 दिन का महत्व

तंत्र में 40 दिन — साधना परिपक्व होती है। 41वाँ दिन — संस्कार स्थापित।

नवरात्रि — सर्वश्रेष्ठ

शक्ति तंत्र के लिए 9 रातें — देवी शक्ति का प्रत्यक्ष प्रवाह।

नियम

शुरू की साधना पूरी करें। बीच में रुकना पड़े — अगले दिन दोगुना करें।

महानिर्वाण तंत्र

नित्यं सिद्धिकरं ज्ञानं नित्यं सिद्धिकरी क्रिया।' — नित्य साधना ही सिद्धि देती है।
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शास्त्रीय स्रोत
कुलार्णव तंत्र, महानिर्वाण तंत्र
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