विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना की अवधि का नियम कुलार्णव तंत्र और महानिर्वाण तंत्र में वर्णित है:
अनुष्ठान अनुसार अवधि
| साधना | अवधि |
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| नवरात्रि अनुष्ठान | 9 रात — सर्वश्रेष्ठ |
| एकादश रात्रि | 11 रात |
| एकमास साधना | 41 दिन |
| पुरश्चरण | जप संख्या पूर्ण होने तक |
| नित्य साधना | आजीवन |
41 दिन का महत्व
तंत्र में 40 दिन — साधना परिपक्व होती है। 41वाँ दिन — संस्कार स्थापित।
नवरात्रि — सर्वश्रेष्ठ
शक्ति तंत्र के लिए 9 रातें — देवी शक्ति का प्रत्यक्ष प्रवाह।
नियम
शुरू की साधना पूरी करें। बीच में रुकना पड़े — अगले दिन दोगुना करें।
महानिर्वाण तंत्र
नित्यं सिद्धिकरं ज्ञानं नित्यं सिद्धिकरी क्रिया।' — नित्य साधना ही सिद्धि देती है।





