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श्रीमद्भगवद्गीता · श्रद्धात्रय विभाग योग

श्लोक 22

श्रद्धात्रय विभाग योग · Shraddhatraya Vibhaga Yoga

मूल पाठ

अदेशकाले यद्दानमपात्रेभ्यश्च दीयते | असत्कृतमवज्ञातं तत्तामसमुदाहृतम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जो दान बिना सत्कारके तथा अवज्ञापूर्वक अयोग्य देश और कालमें कुपात्रको दिया जाता है, वह दान तामस कहा गया है।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

जो दान बिना सत्कारके तथा अवज्ञापूर्वक अयोग्य देश और कालमें कुपात्रको दिया जाता है, वह दान तामस कहा गया है।

English Meaning

The gift that is given at a wrong place and time, to unworthy persons, without respect or with insult is declared to be Tamasic.

The gift that is given at a wrong place and time, to unworthy persons, without respect or with insult is declared to be Tamasic.

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