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श्रीमद्भगवद्गीता · श्रद्धात्रय विभाग योग

श्लोक 23

श्रद्धात्रय विभाग योग · Shraddhatraya Vibhaga Yoga

मूल पाठ

ॐ तत्सदिति निर्देशो ब्रह्मणस्त्रिविधः स्मृतः | ब्राह्मणास्तेन वेदाश्च यज्ञाश्च विहिताः पुरा

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

ऊँ, तत् और सत् -- इन तीनों नामोंसे जिस परमात्माका निर्देश किया गया है, उसी परमात्माने सृष्टिके आदिमें वेदों, ब्राह्मणों और यज्ञोंकी रचना की है।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

ऊँ, तत् और सत् -- इन तीनों नामोंसे जिस परमात्माका निर्देश किया गया है, उसी परमात्माने सृष्टिके आदिमें वेदों, ब्राह्मणों और यज्ञोंकी रचना की है।

English Meaning

"Om Tat Sat": This has been declared to be the triple designation of Brahman. By that were created formerly, the Brahmanas, the Vedas and the sacrifices.

"Om Tat Sat": This has been declared to be the triple designation of Brahman. By that were created formerly, the Brahmanas, the Vedas and the sacrifices.

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