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श्रीमद्भगवद्गीता · मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 29

मोक्ष संन्यास योग · Moksha Sanyasa Yoga

मूल पाठ

बुद्धेर्भेदं धृतेश्चैव गुणतस्त्रिविधं श्रृणु | प्रोच्यमानमशेषेण पृथक्त्वेन धनञ्जय

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे धनञ्जय ! अब तू गुणोंके अनुसार बुद्धि और धृतिके भी तीन प्रकारके भेद अलग-अलगरूपसे सुन, जो कि मेरे द्वारा पूर्णरूपसे कहे जा रहे हैं।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

हे धनञ्जय ! अब तू गुणोंके अनुसार बुद्धि और धृतिके भी तीन प्रकारके भेद अलग-अलगरूपसे सुन, जो कि मेरे द्वारा पूर्णरूपसे कहे जा रहे हैं।

English Meaning

Hear thou the threefold division of intellect and firmness according to the Gunas, as I declare them fully and distinctly, O Arjuna.

Hear thou the threefold division of intellect and firmness according to the Gunas, as I declare them fully and distinctly, O Arjuna.

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