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श्रीमद्भगवद्गीता · मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 60

मोक्ष संन्यास योग · Moksha Sanyasa Yoga

मूल पाठ

स्वभावजेन कौन्तेय निबद्धः स्वेन कर्मणा | कर्तुं नेच्छसि यन्मोहात्करिष्यस्यवशोऽपि तत्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे कुन्तीनन्दन ! अपने स्वभावजन्य कर्मसे बँधा हुआ तू मोहके कारण जो नहीं करना चाहता, उसको तू (क्षात्र-प्रकृतिके) परवश होकर करेगा।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

हे कुन्तीनन्दन ! अपने स्वभावजन्य कर्मसे बँधा हुआ तू मोहके कारण जो नहीं करना चाहता, उसको तू (क्षात्र-प्रकृतिके) परवश होकर करेगा।

English Meaning

O Arjuna, bound by thy own Karma (action) born of thy own nature, that which from delusion thou wishest not to do, even that thou shalt do helplessly.

O Arjuna, bound by thy own Karma (action) born of thy own nature, that which from delusion thou wishest not to do, even that thou shalt do helplessly.

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