ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीमद्भगवद्गीता · मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 65

मोक्ष संन्यास योग · Moksha Sanyasa Yoga

मूल पाठ

मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु | मामेवैष्यसि सत्यं ते प्रतिजाने प्रियोऽसि मे

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तू मेरा भक्त हो जा, मेरेमें मनवाला हो जा, मेरा पूजन करनेवाला हो जा और मेरेको नमस्कार कर। ऐसा करनेसे तू मेरेको ही प्राप्त हो जायगा -- यह मैं तेरे सामने सत्य प्रतिज्ञा करता हूँ; क्योंकि तू मेरा अत्यन्त प्रिय है।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

तू मेरा भक्त हो जा, मेरेमें मनवाला हो जा, मेरा पूजन करनेवाला हो जा और मेरेको नमस्कार कर। ऐसा करनेसे तू मेरेको ही प्राप्त हो जायगा -- यह मैं तेरे सामने सत्य प्रतिज्ञा करता हूँ; क्योंकि तू मेरा अत्यन्त प्रिय है।

English Meaning

Fix thy mind on Me, by devoted to Me, sacrifice to Me, bow down to Me. Thou shalt come even to Me; truly do I promise unto thee, (for) thou art dear to Me.

Fix thy mind on Me, by devoted to Me, sacrifice to Me, bow down to Me. Thou shalt come even to Me; truly do I promise unto thee, (for) thou art dear to Me.

आगे पढ़ें — मोक्ष संन्यास योग के सभी श्लोक · श्रीमद्भगवद्गीता