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श्रीमद्भगवद्गीता · मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 64

मोक्ष संन्यास योग · Moksha Sanyasa Yoga

मूल पाठ

सर्वगुह्यतमं भूयः श्रृणु मे परमं वचः | इष्टोऽसि मे दृढमिति ततो वक्ष्यामि ते हितम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सबसे अत्यन्त गोपनीय वचन तू फिर मेरेसे सुन। तू मेरा अत्यन्त प्रिय है, इसलिये मैं तेरे हितकी बात कहूँगा।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

सबसे अत्यन्त गोपनीय वचन तू फिर मेरेसे सुन। तू मेरा अत्यन्त प्रिय है, इसलिये मैं तेरे हितकी बात कहूँगा।

English Meaning

Hear thou again My supreme word, most secret of all; because thou art dearly beloved of Me, I will tell thee what is good.

Hear thou again My supreme word, most secret of all; because thou art dearly beloved of Me, I will tell thee what is good.

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