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श्रीमद्भगवद्गीता · मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 63

मोक्ष संन्यास योग · Moksha Sanyasa Yoga

मूल पाठ

इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया | विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

यह गुह्यसे भी गुह्यतर (शरणागतिरूप) ज्ञान मैंने तुझे कह दिया। अब तू इसपर अच्छी तरहसे विचार करके जैसा चाहता है, वैसा कर।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

यह गुह्यसे भी गुह्यतर (शरणागतिरूप) ज्ञान मैंने तुझे कह दिया। अब तू इसपर अच्छी तरहसे विचार करके जैसा चाहता है, वैसा कर।

English Meaning

Thus has wisdom, more secret than secrecy itself, been declared unto thee by Me; having reflected over it fully, then act as thou wishest.

Thus has wisdom, more secret than secrecy itself, been declared unto thee by Me; having reflected over it fully, then act as thou wishest.

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