ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीमद्भगवद्गीता · मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 68

मोक्ष संन्यास योग · Moksha Sanyasa Yoga

मूल पाठ

य इमं परमं गुह्यं मद्भक्तेष्वभिधास्यति | भक्तिं मयि परां कृत्वा मामेवैष्यत्यसंशयः

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

मेरेमें पराभक्ति करके जो इस परम गोपनीय संवाद-(गीता-ग्रन्थ) को मेरे भक्तोंमें कहेगा, वह मुझे ही प्राप्त होगा -- इसमें कोई सन्देह नहीं है।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

मेरेमें पराभक्ति करके जो इस परम गोपनीय संवाद-(गीता-ग्रन्थ) को मेरे भक्तोंमें कहेगा, वह मुझे ही प्राप्त होगा -- इसमें कोई सन्देह नहीं है।

English Meaning

He who with supreme devotion to Me will teach this supreme secret to My devotees, shall doubtlessly come to Me.

He who with supreme devotion to Me will teach this supreme secret to My devotees, shall doubtlessly come to Me.

आगे पढ़ें — मोक्ष संन्यास योग के सभी श्लोक · श्रीमद्भगवद्गीता