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श्रीमद्भगवद्गीता · मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 74

मोक्ष संन्यास योग · Moksha Sanyasa Yoga

मूल पाठ

सञ्जय उवाच | इत्यहं वासुदेवस्य पार्थस्य च महात्मनः | संवादमिममश्रौषमद्भुतं रोमहर्षणम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सञ्जय बोले -- इस प्रकार मैंने भगवान् वासुदेव और महात्मा पृथानन्दन अर्जुनका यह रोमाञ्चित करनेवाला अद्भुत संवाद सुना।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

सञ्जय बोले -- इस प्रकार मैंने भगवान् वासुदेव और महात्मा पृथानन्दन अर्जुनका यह रोमाञ्चित करनेवाला अद्भुत संवाद सुना।

English Meaning

Sanjaya said Thus I have heard this wonderful dialogue between Krishna and the high-souled Arjuna, which causes the hair to stand on end.

Sanjaya said Thus I have heard this wonderful dialogue between Krishna and the high-souled Arjuna, which causes the hair to stand on end.

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