ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीमद्भगवद्गीता · मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 76

मोक्ष संन्यास योग · Moksha Sanyasa Yoga

मूल पाठ

राजन्संस्मृत्य संस्मृत्य संवादमिममद्भुतम् | केशवार्जुनयोः पुण्यं हृष्यामि च मुहुर्मुहुः

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे राजन् ! भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुनके इस पवित्र और अद्भुत संवादको याद कर-करके मैं बार-बार हर्षित हो रहा हूँ।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

हे राजन् ! भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुनके इस पवित्र और अद्भुत संवादको याद कर-करके मैं बार-बार हर्षित हो रहा हूँ।

English Meaning

O King, remembering this wonderful and holy dialogue between Krishna and Arjuna, I rejoice again and again.

O King, remembering this wonderful and holy dialogue between Krishna and Arjuna, I rejoice again and again.

आगे पढ़ें — मोक्ष संन्यास योग के सभी श्लोक · श्रीमद्भगवद्गीता