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श्रीमद्भगवद्गीता · ज्ञान विज्ञान योग

श्लोक 23

ज्ञान विज्ञान योग · Jnana Vijnana Yoga

मूल पाठ

अन्तवत्तु फलं तेषां तद्भवत्यल्पमेधसाम् | देवान्देवयजो यान्ति मद्भक्ता यान्ति मामपि

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

परन्तु उन अल्पबुद्धिवाले मनुष्योंको उन देवताओंकी आराधनाका फल अन्तवाला (नाशवान्) ही मिलता है। देवताओंका पूजन करनेवाले देवताओंको प्राप्त होते हैं और मेरे भक्त मेरे ही प्राप्त होते हैं।

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

परन्तु उन अल्पबुद्धिवाले मनुष्योंको उन देवताओंकी आराधनाका फल अन्तवाला (नाशवान्) ही मिलता है। देवताओंका पूजन करनेवाले देवताओंको प्राप्त होते हैं और मेरे भक्त मेरे ही प्राप्त होते हैं।

English Meaning

Verily the reward (fruit) that accrues to those men of small intelligence is finite. The worshippers of the gods go to them, but My devotees come to Me.

Verily the reward (fruit) that accrues to those men of small intelligence is finite. The worshippers of the gods go to them, but My devotees come to Me.

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