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त्रयोदशी तिथि — तिथि — विधि, व्रत, पूजन प्रश्नोत्तर(140)

त्रयोदशी तिथि से जुड़े 140 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

शिव पूजा विधि

सावन में शिव की संध्या पूजा की विशेष विधि क्या है?

प्रदोष काल (सूर्यास्त ±1.5 घंटे)। जलाभिषेक → बेलपत्र → धूप-दीपक → रुद्राष्टक/चालीसा → आरती → भोग → कथा। स्कन्द पुराण: प्रदोष = शिव तांडव — सबसे प्रसन्न काल।

#संध्या#सावन#प्रदोष
शिव पूजा विधि

शिव की पूजा में प्रदोष काल और निशीथ काल में क्या अंतर है?

प्रदोष: संध्या (सूर्यास्त ±1.5 घंटे) — शिव तांडव, त्रयोदशी व्रत, नियमित। निशीथ: मध्यरात्रि (~12-1 AM) — महाशिवरात्रि मुख्य पूजा, निराकार दर्शन, गहन साधना। प्रदोष = सरल/मासिक; निशीथ = गहन/वार्षिक।

#प्रदोष#निशीथ#काल
शिव स्तोत्र

शिव तांडव स्तोत्र का पाठ किस समय करना सबसे प्रभावी है?

सर्वोत्तम: प्रदोष काल (संध्या) — शिव स्वयं तांडव करते हैं। महाशिवरात्रि रात्रि, सावन सोमवार, सोम प्रदोष पर विशेष। शुद्ध उच्चारण अनिवार्य। लाभ: शत्रु नाश, आत्मबल, कानूनी विजय, नकारात्मकता रक्षा। दैनिक 1-3-11 बार।

#शिव तांडव#रावण#स्तोत्र
रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक कराने का सबसे उत्तम दिन कौन सा होता है?

सर्वोत्तम: सावन का सोमवार और महाशिवरात्रि। फिर: सोम प्रदोष (सोमवार + त्रयोदशी) > मासिक शिवरात्रि > प्रत्येक सोमवार। किसी भी दिन किया जा सकता है, पर ऊपर बताए गए अवसर विशेष फलदायी।

#रुद्राभिषेक#शुभ दिन#सावन
शिव पूजा विधि

शिवलिंग पर रात को पूजा करना शुभ है या अशुभ?

रात्रि पूजा अत्यंत शुभ। महाशिवरात्रि: चार प्रहर रात्रि पूजा सर्वश्रेष्ठ (शिव पुराण)। प्रदोष काल (संध्या): शिव पूजा का श्रेष्ठ समय (स्कन्द पुराण)। शिव = महाकाल, समय से परे। प्रातःकाल नियमित पूजा, रात्रि विशेष अवसरों पर — दोनों शुभ।

#रात्रि पूजा#प्रदोष#शिवरात्रि
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध का निष्कर्ष क्या है?

यह पितृ तृप्ति, वंश वृद्धि और दोष शांति का श्राद्ध है।

#त्रयोदशी श्राद्ध#निष्कर्ष#पितृ कल्याण
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में गया का क्या महत्व है?

यह गया श्राद्ध जैसा फल देता है।

#गया#गजाच्छाया#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से पितर कब तक तृप्त रहते हैं?

अनन्त काल तक तृप्ति बताई गई है।

#पितृ तृप्ति#मधु पायस#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में पितरों को अन्न कैसे पहुँचता है?

मंत्र और नाम-गोत्र से।

#श्राद्ध अन्न#मंत्र#पितर
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में गरीब के लिए क्या विकल्प है?

गाय को घास या श्रद्धा-प्रार्थना।

#गरीब श्राद्ध#विष्णु पुराण#घास
लोक

मघा त्रयोदशी में निषेध क्यों नहीं लगता?

मघा त्रयोदशी विशेष पितृ योग है।

#मघा त्रयोदशी#गजाच्छाया#निषेध
लोक

महालय में पुत्रवता निषेध लागू होता है क्या?

नहीं, महालय में लागू नहीं।

#महालय#पुत्रवता निषेध#त्रयोदशी
लोक

पुत्रवान के लिए त्रयोदशी श्राद्ध कब वर्जित है?

सामान्य काम्य श्राद्ध में।

#पुत्रवान#काम्य श्राद्ध#त्रयोदशी
लोक

पुत्रवता निषेध क्या है?

पुत्रवान के सामान्य काम्य श्राद्ध का निषेध।

#पुत्रवता निषेध#त्रयोदशी#श्राद्ध प्रकाश
लोक

पुत्रवान गृहस्थ त्रयोदशी श्राद्ध कर सकता है क्या?

हाँ, महालय और विशेष कारणों में कर सकता है।

#पुत्रवान#त्रयोदशी निषेध#महालय
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में ब्राह्मण को कैसे विदा करें?

दक्षिणा-ताम्बूल देकर सम्मान से।

#ब्राह्मण विदाई#दक्षिणा#ताम्बूल
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में क्रोध क्यों वर्जित है?

क्रोध से पितर निराश लौटते हैं।

#क्रोध#श्राद्ध निषेध#पितर
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में भोजन कौन बनाए?

कर्ता या उसकी पत्नी बनाए।

#श्राद्ध भोजन#कर्ता#पत्नी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में ब्राह्मण भोजन कैसे कराएं?

सात्त्विक भोजन श्रद्धा से कराएं।

#ब्राह्मण भोजन#सात्त्विक भोजन#श्राद्ध
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में देव बलि क्या है?

देवताओं के लिए अन्न अर्पण।

#देव बलि#पंचबलि#देवता
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में पिपीलिका बलि क्यों?

चींटियों और सूक्ष्म जीवों के लिए।

#पिपीलिका बलि#चींटी#सूक्ष्म जीव
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में श्वान बलि क्यों?

कुत्ते के लिए पंचबलि अंश।

#श्वान बलि#कुत्ता#पंचबलि
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में काक बलि क्यों?

बाल श्राद्ध में कौवे को अन्न देना विशेष है।

#काक बलि#कौवा#बाल श्राद्ध
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में गो बलि क्यों?

गाय को विश्व माता माना गया है।

#गो बलि#गाय#पंचबलि
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में पंचबलि क्या है?

पांच अंशों को अन्न अर्पण।

#पंचबलि#श्राद्ध विधि#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में सफेद फूल क्यों?

सफेद फूल पवित्र माने गए हैं।

#सफेद फूल#श्राद्ध द्रव्य#तर्पण
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में जौ क्यों?

जौ पितृ तर्पण का द्रव्य है।

#जौ#यव#तर्पण
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में कुशा क्यों जरूरी है?

कुशा पवित्र ऊर्जा का आधार है।

#कुशा#पवित्री#श्राद्ध
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में काले तिल क्यों?

पितृ तर्पण के लिए।

#काले तिल#तर्पण#पितृ तृप्ति
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में कौन से द्रव्य जरूरी हैं?

तिल, कुशा, जौ, मधु और पायस।

#श्राद्ध द्रव्य#मधु#कुशा
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में पिण्डदान कैसे करें?

कुशा पर स्वधा मंत्र से।

#पिण्डदान#स्वधा#कुशा
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में पिण्ड कैसे बनाते हैं?

चावल, दूध, घी, तिल और मधु से।

#पिण्ड#मधु#पायस
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में पितृ तर्पण कैसे करें?

दक्षिणमुख होकर नाम-गोत्र से।

#पितृ तर्पण#दक्षिण मुख#स्वधा
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में देव तर्पण कैसे करें?

पूर्वमुख होकर।

#देव तर्पण#पूर्व मुख#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में तर्पण क्रम क्या है?

देव, ऋषि, दिव्य मानव, फिर पितृ तर्पण।

#तर्पण क्रम#देव तर्पण#पितृ तर्पण
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में तर्पण कैसे करें?

तिल, जौ, कुशा और जल से।

#तर्पण#काले तिल#कुशा
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में पितृ तीर्थ क्या है?

अंगूठे के मूल से जल अर्पण।

#पितृ तीर्थ#तर्पण#अंजलि
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में प्राचीनावीती क्या है?

पितृ कर्म में दायें कंधे वाला जनेऊ।

#प्राचीनावीती#जनेऊ#पितृ कर्म
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में जनेऊ कैसे रखें?

जनेऊ दायें कंधे पर रखें।

#जनेऊ#प्राचीनावीती#श्राद्ध विधि
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में दक्षिण दिशा क्यों?

दक्षिण पितरों की दिशा है।

#दक्षिण दिशा#पितर#तर्पण
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त्रयोदशी श्राद्ध में उपवास क्यों?

शुद्धता और संयम के लिए।

#उपवास#श्राद्धकर्ता#त्रयोदशी
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त्रयोदशी श्राद्ध शाम को कर सकते हैं क्या?

नहीं, शाम को श्राद्ध वर्जित है।

#शाम श्राद्ध#सायंकाल#त्रयोदशी
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त्रयोदशी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?

नहीं, अपराह्न काल श्रेष्ठ है।

#सुबह श्राद्ध#त्रयोदशी#निषेध
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त्रयोदशी श्राद्ध में अपराह्न काल क्यों जरूरी है?

यह श्राद्ध का मुख्य समय है।

#अपराह्न#पिण्डदान#ब्राह्मण भोजन
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में रोहिण मुहूर्त क्या है?

कुतप के बाद का शुभ श्राद्ध काल।

#रोहिण मुहूर्त#त्रयोदशी#श्राद्ध समय
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त्रयोदशी श्राद्ध में कुतप मुहूर्त क्या है?

श्राद्ध का श्रेष्ठ पितृ काल।

#कुतप#मुहूर्त#त्रयोदशी
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त्रयोदशी श्राद्ध का सही मुहूर्त कौन सा है?

कुतप, रोहिण और अपराह्न काल।

#कुतप मुहूर्त#रोहिण मुहूर्त#अपराह्न
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में अयोग्य ब्राह्मण कौन है?

अंगहीन, रोगी या अनैतिक ब्राह्मण।

#अयोग्य ब्राह्मण#गरुड़ पुराण#श्राद्ध निषेध
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त्रयोदशी श्राद्ध में कौन सा ब्राह्मण बुलाएं?

वेदज्ञ और सदाचारी ब्राह्मण।

#ब्राह्मण चयन#श्रोत्रिय#गरुड़ पुराण
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन से भी श्रेष्ठ।

#योगी भोजन#त्रयोदशी#विष्णु पुराण
आज का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त

पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
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