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विस्तृत उत्तर
पितृ तर्पण दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पिता, पितामह और प्रपितामह आदि के नाम से जल अर्पित कर किया जाता है।
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पितृ तर्पण दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पिता, पितामह और प्रपितामह आदि के नाम से जल अर्पित कर किया जाता है।
दक्षिणमुख होकर नाम-गोत्र से।
पितृ तर्पण दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पिता, पितामह और प्रपितामह आदि के नाम से जल अर्पित कर किया जाता है।
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