ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
तिथि

त्रयोदशी तिथि — तिथि — विधि, व्रत, पूजन प्रश्नोत्तर(140)

त्रयोदशी तिथि से जुड़े 140 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से ब्रह्मांड कैसे संतुलित होता है?

यह देव-पितृ शक्तियों को संतुष्ट करता है।

#ब्रह्मांड संतुलन#और्व#त्रयोदशी
लोक

गरीब व्यक्ति त्रयोदशी श्राद्ध कैसे करे?

गाय को घास या श्रद्धा-प्रार्थना से।

#गरीब श्राद्ध#विष्णु पुराण#घास
लोक

त्रयोदशी पर तिल जल का क्या फल है?

हजार वर्षों के श्राद्ध जैसा पुण्य।

#तिल जल#त्रयोदशी#श्राद्ध फल
लोक

सनत्कुमार ने त्रयोदशी के बारे में क्या कहा?

त्रयोदशी को अनंत पुण्यदायी कहा।

#सनत्कुमार#त्रयोदशी#तिल जल
लोक

विष्णु पुराण में त्रयोदशी श्राद्ध क्या बताता है?

त्रयोदशी अनंत पुण्यदायी बताई गई है।

#विष्णु पुराण#त्रयोदशी#पुरूरवा
लोक

गरुड़ पुराण में त्रयोदशी श्राद्ध क्या बताता है?

मघा त्रयोदशी श्रेष्ठ पितृ मुक्ति काल है।

#गरुड़ पुराण#त्रयोदशी#विष्णुलोक
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से विष्णुलोक मिलता है क्या?

हाँ, पितरों को विष्णुलोक गति बताई गई है।

#विष्णुलोक#गरुड़ पुराण#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से धन ऐश्वर्य मिलता है क्या?

हाँ, धन और ऐश्वर्य मिलता है।

#धन#ऐश्वर्य#श्राद्ध फल
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से मेधा मिलती है क्या?

हाँ, मेधा का फल है।

#मेधा#बुद्धि#श्राद्ध फल
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से वंध्यत्व दोष मिटता है क्या?

हाँ, संतति बाधा शांति बताई गई है।

#वंध्यत्व#संतान बाधा#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से वैवाहिक बाधा मिटती है क्या?

हाँ, वैवाहिक बाधा शांति में सहायक।

#वैवाहिक बाधा#मधु पायस#पितृ दोष
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से वंश वृद्धि होती है क्या?

हाँ, वंश वृद्धि होती है।

#वंश वृद्धि#संतान#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से अकाल मृत्यु दोष मिटता है क्या?

हाँ, गजाच्छाया योग में विशेष फल है।

#अकाल मृत्यु दोष#मघा त्रयोदशी#श्राद्ध फल
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से पितृ दोष मिटता है क्या?

हाँ, विशेषतः मघा त्रयोदशी पर।

#पितृ दोष#गजाच्छाया#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से संतान सुख मिलता है क्या?

हाँ, संतान सुख का फल है।

#संतान सुख#त्रयोदशी श्राद्ध#वंश वृद्धि
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से कर्ता को क्या फल मिलता है?

संतान, मेधा, धन और ऐश्वर्य।

#श्राद्ध फल#संतान#धन
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध से पितरों को क्या मिलता है?

तृप्ति, शांति और विष्णुलोक गति।

#पितृ तृप्ति#विष्णुलोक#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध प्राकृतिक मृत्यु वालों के लिए है क्या?

हाँ, त्रयोदशी-मृत पितरों के लिए।

#प्राकृतिक मृत्यु#त्रयोदशी#श्राद्ध
लोक

चतुर्दशी और त्रयोदशी श्राद्ध में क्या अंतर है?

त्रयोदशी बाल/युवा; चतुर्दशी हिंसक मृत्यु।

#चतुर्दशी#त्रयोदशी#अकाल मृत्यु
लोक

युवावस्था में मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

त्रयोदशी तिथि को।

#युवा मृत्यु#त्रयोदशी#श्राद्ध
लोक

यौवन श्राद्ध क्या है?

युवावस्था में मृत व्यक्ति का त्रयोदशी श्राद्ध।

#यौवन श्राद्ध#त्रयोदशी#युवा मृत्यु
लोक

त्रयोदशी को काकबली क्यों दी जाती है?

कौवा यमदूत और पितृ प्रतीक है।

#काकबली#कौवा#यमदूत
लोक

काकबली त्रयोदशी क्या है?

बाल मृतकों के लिए कौवे को अन्न देना।

#काकबली#त्रयोदशी#बाल श्राद्ध
लोक

बाल्यावस्था में मृत बच्चे का श्राद्ध कब करें?

पितृ पक्ष की त्रयोदशी को।

#बाल मृत्यु#त्रयोदशी#काकबली
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में बाल श्राद्ध क्या है?

बाल्यावस्था में मृत बच्चों का त्रयोदशी श्राद्ध।

#बाल श्राद्ध#काकबली#त्रयोदशी
लोक

शंख स्मृति में त्रयोदशी श्राद्ध क्या है?

मघा त्रयोदशी पर मधु-पायस श्राद्ध।

#शंख स्मृति#त्रयोदशी#मधु पायस
लोक

मत्स्य पुराण में त्रयोदशी श्राद्ध क्या है?

मघा त्रयोदशी पर मधु-पायस श्राद्ध।

#मत्स्य पुराण#मधु पायस#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में पायस क्यों जरूरी है?

पायस पितरों को तृप्त करता है।

#पायस#खीर#मत्स्य पुराण
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में मधु क्यों जरूरी है?

मधु पितरों को प्रिय और तृप्तिदायक है।

#मधु#शहद#त्रयोदशी श्राद्ध
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध गया श्राद्ध के समान क्यों है?

गजाच्छाया योग के कारण।

#गया श्राद्ध#गजाच्छाया#त्रयोदशी
लोक

गजाच्छाया योग कब बनता है?

हस्त, मघा और त्रयोदशी/अमावस्या संयोग पर।

#गजाच्छाया#त्रयोदशी#अमावस्या
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में मघा नक्षत्र का क्या महत्व है?

मघा पितरों का नक्षत्र है।

#मघा नक्षत्र#पितर#त्रयोदशी
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध में कौन से पितर आते हैं?

त्रयोदशी-मृत, बाल और युवा मृत पितर।

#त्रयोदशी पितर#बाल श्राद्ध#युवा मृत्यु
लोक

त्रयोदशी तिथि पितृ पक्ष में क्यों महत्वपूर्ण है?

यह पितृ तृप्ति की विशेष तिथि है।

#त्रयोदशी तिथि#पितृ पक्ष#पितृ तृप्ति
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध का शास्त्रीय आधार क्या है?

पुराणों और धर्मशास्त्रों में इसका आधार है।

#गरुड़ पुराण#विष्णु पुराण#मत्स्य पुराण
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध क्यों खास है?

मघा, गजाच्छाया और मधु-पायस के कारण।

#त्रयोदशी#मघा नक्षत्र#गजाच्छाया
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध का मुख्य महत्व क्या है?

पितृ तृप्ति, शांति और वंश वृद्धि।

#त्रयोदशी महत्व#पितृ तृप्ति#श्राद्ध फल
लोक

त्रयोदशी को मृत्यु हो तो श्राद्ध कब करें?

पितृ पक्ष की त्रयोदशी को।

#त्रयोदशी मृत्यु#श्राद्ध नियम#पितृ पक्ष
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध किनके लिए होता है?

त्रयोदशी-मृत, बाल और युवा मृत परिजनों के लिए।

#त्रयोदशी पितर#बाल श्राद्ध#यौवन श्राद्ध
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध कब किया जाता है?

पितृ पक्ष की त्रयोदशी को।

#त्रयोदशी#श्राद्ध तिथि#महालय
लोक

त्रयोदशी श्राद्ध क्या है?

त्रयोदशी तिथि का पितृ श्राद्ध।

#त्रयोदशी श्राद्ध#पितृ पक्ष#श्राद्ध
लोक

बाल्यावस्था में मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

त्रयोदशी या अमावस्या को।

#बाल्य मृत्यु#त्रयोदशी#अमावस्या
विशेष मृत्यु श्राद्ध

बच्चे की मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

अविवाहित या बाल्यावस्था में मृत बच्चों का श्राद्ध शास्त्रों के अनुसार पंचमी (भरणी पंचमी) या त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। दोनों तिथियाँ शास्त्रों में निर्धारित हैं और कुलाचार के अनुसार इनमें से किसी एक का चयन किया जा सकता है। यह विशेष कोटि के मृतकों के लिए है।

#बाल्यावस्था मृत्यु#पंचमी#त्रयोदशी
शुभ मुहूर्त

तुलसी विवाह का शुभ समय क्या है?

तुलसी विवाह का शुभ समय: गोधूलि बेला / संध्याकाल — सूर्यास्त के समय या सायं 6 से 8 बजे के मध्य। 'प्रदोष व्यापिनी' तिथि शास्त्रसम्मत। इस समय देवों का जागरण पूर्ण और सकारात्मक ऊर्जा चरमोत्कर्ष पर।

#तुलसी विवाह मुहूर्त#गोधूलि बेला#संध्याकाल
श्री रुद्र मंत्र साधना

श्री रुद्र मंत्र साधना कब शुरू करनी चाहिए?

श्री रुद्र मंत्र साधना सोमवार, प्रदोष या शिवरात्रि से प्रारंभ की जा सकती है।

#सोमवार#प्रदोष#शिवरात्रि
रुद्राभिषेक का सही समय

शिव वास भोजन में होने पर क्या होता है?

शिव वास भोजन में होने पर (षष्ठी, त्रयोदशी) शिव का ध्यान अन्यत्र होता है जिससे सकाम कर्म का फल प्राप्ति कठिन होती है — इन तिथियों को त्याज्य माना गया है।

#भोजन वास#षष्ठी#त्रयोदशी
रुद्राभिषेक का सही समय

प्रदोष काल में रुद्राभिषेक क्यों करते हैं?

प्रदोष काल में शिव तांडव करते हैं और अत्यधिक प्रसन्न रहते हैं — इस समय अनुष्ठान की ऊर्जा उच्चतम होती है और सकाम कामनाओं की पूर्ति की संभावना अधिकतम होती है।

#प्रदोष काल#तांडव#शिव प्रसन्नता
नियम निषेध

प्रदोष व्रत का पारण कब करें?

प्रदोष व्रत उसी दिन रात में नहीं खोला जाता, बल्कि अगले दिन सुबह (चतुर्दशी तिथि को) सूरज निकलने के बाद व्रत खोला (पारण किया) जाता है।

#व्रत पारण#चतुर्दशी#सूर्योदय
नियम निषेध

प्रदोष व्रत के नियम?

इस व्रत में अन्न नहीं खाना चाहिए। गुस्सा करना मना है, ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और सिर्फ अच्छे कामों (सात्त्विक) के लिए ही पूजा करनी चाहिए।

#नियम#ब्रह्मचर्य#सात्त्विक
विशेष फल

शनि प्रदोष का महत्व?

शनिदेव शिव जी के शिष्य हैं, इसलिए शनिवार के प्रदोष व्रत से कुंडली का 'शनि दोष' खत्म होता है। इस दिन शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने चाहिए।

#शनि प्रदोष#शनि दोष#पुत्र प्राप्ति
आज का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त

पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
सभी पर्व देखें

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी — पर्व-केन्द्रित प्रश्नोत्तर।