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1 फरवरी 2026

1 फरवरी 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

1 फरवरी 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र
पुष्य
योग
प्रीति
करण
विष्टि
वार
रविवार
हिन्दू मास
माघ
ऋतु
शिशिर
सूर्योदय
07:09
सूर्यास्त
18:00

आज के पर्व

माघAnvadhan

1 फरवरी 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

पूर्णिमा को कौन से काम शुभ?

पूर्णिमा=पूर्ण चंद्र। शुभ: सत्यनारायण, व्रत, दान, पूजा, गंगा स्नान, तीर्थ। गृहप्रवेश/विवाह कुछ में वर्जित। भक्ति+दान+साधना दिन।

देवी की पूजा पूर्णिमा को करें या अमावस्या को?

सौम्य (लक्ष्मी/सरस्वती) = पूर्णिमा। उग्र (काली/छिन्नमस्ता) = अमावस्या। सर्वोत्तम = अष्टमी/नवमी। नवरात्रि 9 दिन। दीपावली अमावस्या = काली+लक्ष्मी दोनों।

शिव पूजा में अमावस्या और पूर्णिमा में कौन सा दिन श्रेष्ठ है?

अमावस्या > पूर्णिमा (शिव = संहारक, अंधकार)। किन्तु सर्वश्रेष्ठ = चतुर्दशी (शिवरात्रि)। पूर्णिमा: गुरु पूर्णिमा (शिव=आदि गुरु), श्रावण पूर्णिमा शुभ। शिव = काल से परे — कोई भी तिथि शुभ।

रविवार को नमक क्यों नहीं देना चाहिए?

ज्योतिष के अनुसार रविवार सूर्य का दिन है और नमक सूर्य से जुड़ा है। रविवार को नमक देने से सूर्य कमजोर होता है — आत्मविश्वास में कमी और बरकत जाने की मान्यता है। यह लोक-मान्यता आधारित है।

अष्टमी पर पूर्णिमा पितर का श्राद्ध कर सकते हैं?

हाँ, छूटने पर अष्टमी विकल्प है।

अष्टका श्राद्ध किन महीनों में होता है?

मार्गशीर्ष, पौष, माघ और फाल्गुन में।

माँ त्रिपुर सुंदरी की साधना कब करनी चाहिए?

माँ त्रिपुर सुंदरी साधना का शुभ काल: शुक्रवार = विशेष शुभ। गुप्त नवरात्रि और पूर्णिमा भी उपयुक्त। अन्य शुभ तिथियों पर भी साधना की जा सकती है।

तांत्रिक पूजा के लिए कौन सा दिन उत्तम है?

तांत्रिक पूजा के लिए शनिवार और रविवार सबसे उत्तम दिन हैं — निशिता काल (मध्यरात्रि) में पूजा करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

चन्द्रदोष निवारण के लिए कौन सी दिशा में बैठकर पाठ करें?

चन्द्रदोष निवारण के लिए उत्तर या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) दिशा में मुख करके पाठ करें — विशेषकर पूर्णिमा की रात्रि में यह विशेष लाभकारी है।

चन्द्रदोष निवारण के लिए चन्द्रशेखराष्टकम् कब पढ़ें?

चन्द्रदोष निवारण के लिए सोमवार प्रदोष काल, पूर्णिमा, महाशिवरात्रि और श्रावण सोमवार पर चन्द्रशेखराष्टकम् का पाठ विशेष फलदायी है।

चन्द्रशेखराष्टकम् का पाठ कब करना चाहिए?

चन्द्रशेखराष्टकम् सोमवार को प्रदोष काल में करें। विशेष फल के लिए पूर्णिमा, महाशिवरात्रि और श्रावण मास के सोमवार पर पाठ करें।

सत्यनारायण पूजा के लिए सबसे शुभ दिन (तिथि) कौन सा है?

सत्यनारायण पूजा के लिए 'पूर्णिमा' (पूर्णमासी) का दिन सबसे शुभ माना जाता है। वह दिन चुनना चाहिए जब शाम के समय (गोधूलि बेला) पूर्णिमा तिथि मौजूद हो।

रविवार को तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए क्यों?

रविवार को माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, इसलिए उस दिन पत्ते तोड़ना या जल चढ़ाना उनके व्रत को खंडित करना माना जाता है। विष्णु पुराण में यह स्पष्ट वर्जित है।

सूर्य ग्रह मजबूत करने रविवार उपाय

रविवार: अर्घ्य+आदित्य हृदय+'ॐ सूं सूर्याय नमः' 108+लाल वस्त्र+गुड़/गेहूं दान+माणिक+पिता सम्मान+गायत्री।

रविवार को लाल रंग पहनने का महत्व

रविवार = लाल/केसरिया (सूर्य)। तेज, अधिकार, स्वास्थ्य, नेतृत्व। सूर्य पूजा, अर्घ्य। माणिक रत्न। ज्योतिष परंपरा।

पूर्णिमा की रात ध्यान करने का क्या विशेष लाभ है?

पूर्णिमा ध्यान: चन्द्र ऊर्जा चरम (मन शांत), सत्त्व प्रधान, पिनियल ग्रंथि (मेलाटोनिन), भावनात्मक शुद्धि (ज्वार-भाटा), बुद्ध=पूर्णिमा बोधि। शरद/गुरु/बुद्ध पूर्णिमा=सर्वश्रेष्ठ।

गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधना क्यों विशेष प्रभावी मानी जाती है?

गुप्त नवरात्रि तंत्र: 'गुप्त' शक्ति=तीव्र (भूमिगत नदी जैसी), ब्रह्माण्डीय शक्तिपात काल, दश महाविद्या सर्वोत्तम, एकांत=गहन, मंत्र सिद्धि शीघ्र (कुलार्णव), ऋतु सन्धि=ऊर्जा तीव्र। गुरु दीक्षा अनिवार्य। सामान्य=सप्तशती/नवार्ण सुरक्षित।

पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा करने का क्या विधान है?

सत्यनारायण: पूर्णिमा=शुभ तिथि, विष्णु सत्य स्वरूप। विधि: षोडशोपचार→कथा (5 अध्याय, अनिवार्य)→आरती→प्रसाद (शीरा+केला)। प्रसाद अस्वीकार न करें। अवसर: नया कार्य, गृह प्रवेश, मनोकामना। सरलतम गृहस्थ पूजा।

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