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5 फरवरी 2026

5 फरवरी 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

5 फरवरी 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
योग
सुकर्मा
करण
बव
वार
गुरुवार
हिन्दू मास
फाल्गुन
ऋतु
शिशिर
सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
18:03

आज के पर्व

संकष्टी

5 फरवरी 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

गणपति अथर्वशीर्ष 21 बार पढ़ने से क्या होता है?

संकष्टी पर 21 बार=दोगुना फल, बिगड़े काम बनें। अथर्वशीर्ष: 1000 बार=सभी कामना सिद्ध। महाविघ्न/महापाप मुक्ति। दैनिक 1, बुधवार विशेष। विद्यार्थी/व्यापारी/सभी।

हल्दी तिलक कब लगाना शुभ है

हल्दी तिलक गुरुवार को, मांगलिक कार्यों के आरंभ में, गणेश-लक्ष्मी पूजन में और विवाह-संस्कार में विशेष रूप से शुभ है। यह बृहस्पति ग्रह को बल देता है और मंगलाचरण का प्रतीक है।

गुरुवार को कौन से काम शुभ?

गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।

गुरुवार को केले का दान क्यों करते हैं?

गुरुवार = बृहस्पति (गुरु) दिन। केला = पीला (गुरु का रंग) + विष्णु/बृहस्पति प्रतीक। विधि: पीले केले + 'ॐ बृहस्पतये नमः' + दान। लाभ: ज्ञान, सम्मान, संतान सुख, विवाह बाधा दूर।

चौथ भरणी क्या होती है?

चतुर्थी पर भरणी नक्षत्र का श्राद्ध चौथ भरणी कहलाता है।

गृहस्थों के लिए असितांग भैरव साधना कब करें?

गृहस्थों के लिए असितांग भैरव साधना दिन में — गुरुवार को सूर्योदय के बाद करनी चाहिए।

असितांग भैरव साधना किस दिन शुरू करनी चाहिए?

असितांग भैरव साधना गुरुवार (ज्ञान/त्वरित लाभ), कालाष्टमी या षष्ठी/बुधवार से शुरू की जा सकती है।

कैलाश वास तिथि पर रुद्राभिषेक करने से क्या होता है?

कैलाश वास तिथि (चतुर्थी, एकादशी, पंचमी, द्वादशी) पर रुद्राभिषेक करने से मनोकामना सिद्धि, सुख-समृद्धि और आनंद वृद्धि होती है — यह शुभ तिथि मानी जाती है।

संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब होता है?

यह व्रत हर हिंदू महीने के 'कृष्ण पक्ष' (अंधेरे पखवाड़े) की चतुर्थी (चौथी) तिथि को रखा जाता है।

गुरुवार को बाल धोना चाहिए या नहीं

लोक मान्यता: गुरुवार बाल धोना अशुभ (बृहस्पति कमजोर)। शास्त्रीय आधार नहीं — पूर्णतः लोक/ज्योतिष। स्वच्छता > परंपरा। आस्था अनुसार; आवश्यकता हो तो धो सकते हैं।

गुरुवार को पीला पहनने से क्या होता है

गुरुवार-पीला = बृहस्पति कृपा — ज्ञान, शिक्षा, धन, विवाह सुख, सम्मान। विष्णु पूजा, केला दान। बृहस्पति = गुरु/ज्ञान/धर्म। ज्योतिष परंपरा।

संकष्टी चतुर्थी व्रत कैसे रखें

संकष्टी चतुर्थी: कृष्ण पक्ष चतुर्थी, गणेश व्रत। प्रातः स्नान → संकल्प → दिनभर उपवास → सायं गणेश पूजा (दूर्वा, मोदक, लाल फूल) → 'ॐ गं गणपतये नमः' 108 बार → चन्द्रोदय पर चन्द्र दर्शन + अर्घ्य → तभी पारण। मंगलवार = अंगारकी (अत्यन्त शुभ)।

गुरु ग्रह शांति पूजा कैसे करें?

गुरु शांति: गुरुवार → 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 19000 जप → पीपल समिधा + पीले तिल-चना हवन → विष्णु सहस्रनाम → दान (पीला वस्त्र, चना, हल्दी, केसर, पुखराज) → गुरुवार व्रत → पीपल पूजा।

महाशिवरात्रि की पूजा कैसे करें?

महाशिवरात्रि में रात को चार प्रहर की पूजा करें — प्रथम प्रहर दूध, द्वितीय दही, तृतीय घी, चतुर्थ शहद से अभिषेक। प्रत्येक प्रहर बेलपत्र, 'ॐ नमः शिवाय' जप और आरती। पूरी रात जागरण। अगले दिन प्रातः पारण।

गुरुवार को पीला कपड़ा पहनने से क्या लाभ होता है?

गुरुवार बृहस्पति ग्रह का दिन है, पीला रंग बृहस्पति का कारक है। पीला पहनने से भाग्य वृद्धि, ज्ञान, शिक्षा में सफलता, विवाह बाधा निवारण और धन-समृद्धि होती है।

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पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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