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5 मार्च 2026

5 मार्च 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

5 मार्च 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
योग
शूल
करण
गर
वार
गुरुवार
हिन्दू मास
चैत्र
ऋतु
वसन्त
सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:23

आज के पर्व

Bhai Doojद्वितीया

5 मार्च 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में पूजा का क्या अंतर है?

चैत्र: वसंत, नववर्ष, सौम्य देवी, राम नवमी। शारदीय: शरद, उग्र देवी, दशहरा/रावण दहन, बंगाल दुर्गा पूजा। पूजा विधि समान — घटस्थापना, 9 दिन, सप्तशती।

हल्दी तिलक कब लगाना शुभ है

हल्दी तिलक गुरुवार को, मांगलिक कार्यों के आरंभ में, गणेश-लक्ष्मी पूजन में और विवाह-संस्कार में विशेष रूप से शुभ है। यह बृहस्पति ग्रह को बल देता है और मंगलाचरण का प्रतीक है।

गुरुवार को कौन से काम शुभ?

गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।

गुरुवार को केले का दान क्यों करते हैं?

गुरुवार = बृहस्पति (गुरु) दिन। केला = पीला (गुरु का रंग) + विष्णु/बृहस्पति प्रतीक। विधि: पीले केले + 'ॐ बृहस्पतये नमः' + दान। लाभ: ज्ञान, सम्मान, संतान सुख, विवाह बाधा दूर।

गृहस्थों के लिए असितांग भैरव साधना कब करें?

गृहस्थों के लिए असितांग भैरव साधना दिन में — गुरुवार को सूर्योदय के बाद करनी चाहिए।

असितांग भैरव साधना किस दिन शुरू करनी चाहिए?

असितांग भैरव साधना गुरुवार (ज्ञान/त्वरित लाभ), कालाष्टमी या षष्ठी/बुधवार से शुरू की जा सकती है।

गुरुवार को बाल धोना चाहिए या नहीं

लोक मान्यता: गुरुवार बाल धोना अशुभ (बृहस्पति कमजोर)। शास्त्रीय आधार नहीं — पूर्णतः लोक/ज्योतिष। स्वच्छता > परंपरा। आस्था अनुसार; आवश्यकता हो तो धो सकते हैं।

गुरुवार को पीला पहनने से क्या होता है

गुरुवार-पीला = बृहस्पति कृपा — ज्ञान, शिक्षा, धन, विवाह सुख, सम्मान। विष्णु पूजा, केला दान। बृहस्पति = गुरु/ज्ञान/धर्म। ज्योतिष परंपरा।

पापमोचनी एकादशी का क्या महत्व है

पापमोचनी एकादशी: चैत्र कृष्ण एकादशी = सर्वपापनाशिनी। जो पाप अन्य उपायों से न मिटें, वे भी नष्ट। कथा: मेधावी मुनि तपोभ्रष्ट → व्रत से मुक्ति। विष्णु पूजा + जप + कथा + जागरण। होली बाद प्रायश्चित भी। पद्मपुराण में माहात्म्य।

उगादी या गुड़ी पड़वा पर पूजा कैसे करें

गुड़ी पड़वा/उगादी: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा = हिन्दू नववर्ष। गुड़ी पड़वा: गुड़ी स्थापना (बाँस + कलश + साड़ी + नीम) + नीम-गुड़ खाना। उगादी: षड्रस पच्चड़ी (6 स्वाद)। ब्रह्मा पूजन, पंचांग श्रवण। सृष्टि रचना + राम राज्याभिषेक + विक्रम संवत्।

गुरु ग्रह शांति पूजा कैसे करें?

गुरु शांति: गुरुवार → 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 19000 जप → पीपल समिधा + पीले तिल-चना हवन → विष्णु सहस्रनाम → दान (पीला वस्त्र, चना, हल्दी, केसर, पुखराज) → गुरुवार व्रत → पीपल पूजा।

गुरुवार को पीला कपड़ा पहनने से क्या लाभ होता है?

गुरुवार बृहस्पति ग्रह का दिन है, पीला रंग बृहस्पति का कारक है। पीला पहनने से भाग्य वृद्धि, ज्ञान, शिक्षा में सफलता, विवाह बाधा निवारण और धन-समृद्धि होती है।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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