ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पर्व📜 ब्रह्मपुराण, सूर्य सिद्धान्त, महाराष्ट्र/कर्नाटक/आन्ध्र परम्परा2 मिनट पठन

उगादी या गुड़ी पड़वा पर पूजा कैसे करें

संक्षिप्त उत्तर

गुड़ी पड़वा/उगादी: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा = हिन्दू नववर्ष। गुड़ी पड़वा: गुड़ी स्थापना (बाँस + कलश + साड़ी + नीम) + नीम-गुड़ खाना। उगादी: षड्रस पच्चड़ी (6 स्वाद)। ब्रह्मा पूजन, पंचांग श्रवण। सृष्टि रचना + राम राज्याभिषेक + विक्रम संवत्।

📖

विस्तृत उत्तर

उगादी (दक्षिण भारत) और गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाये जाते हैं — यह हिन्दू नववर्ष का प्रथम दिन है।

गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र)

  1. 1प्रातः अभ्यंग स्नान (तेल मालिश + स्नान)।
  2. 2गुड़ी स्थापना: बाँस की लाठी पर उल्टा ताँबे/पीतल का कलश, उस पर रेशमी/नई साड़ी, नीम पत्ते, आम पत्ते, फूलमाला और शक्कर की माला बाँधें। इसे घर के बाहर/छत पर ऊँचाई पर लगाएँ।
  3. 3ब्रह्मा पूजन — ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि रचना आरम्भ की (ब्रह्मपुराण)।
  4. 4नीम + गुड़ (कड़वा + मीठा) खाएँ — जीवन के सुख-दुःख स्वीकार का प्रतीक।
  5. 5पंचांग श्रवण — नए वर्ष का पंचांग सुनें।

उगादी (कर्नाटक/आन्ध्र/तेलंगाना)

  1. 1अभ्यंग स्नान, नए वस्त्र।
  2. 2बेवु-बेल्ला (उगादी पच्चड़ी): नीम फूल + गुड़ + कच्चा आम + इमली + नमक + मिर्च = षड्रस (6 स्वाद) — जीवन के 6 रसों (सुख, दुःख, क्रोध, भय, घृणा, आश्चर्य) का प्रतीक।
  3. 3मन्दिर दर्शन, विष्णु/ब्रह्मा पूजा।
  4. 4पंचांग श्रवण।

सामान्य पूजा

  • गणपति पूजन → ब्रह्मा/विष्णु पूजा → कलश स्थापना → पंचांग पाठ → दान।
  • इसी दिन चैत्र नवरात्रि भी आरम्भ (कुछ परम्पराओं में)।

महत्व: सृष्टि रचना दिवस, श्रीराम राज्याभिषेक, विक्रमादित्य संवत् आरम्भ।

📜
शास्त्रीय स्रोत
ब्रह्मपुराण, सूर्य सिद्धान्त, महाराष्ट्र/कर्नाटक/आन्ध्र परम्परा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

उगादीगुड़ी पड़वाहिन्दू नववर्षचैत्र

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

उगादी या गुड़ी पड़वा पर पूजा कैसे करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पर्व से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर ब्रह्मपुराण, सूर्य सिद्धान्त, महाराष्ट्र/कर्नाटक/आन्ध्र परम्परा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।