विस्तृत उत्तर
उगादी (दक्षिण भारत) और गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाये जाते हैं — यह हिन्दू नववर्ष का प्रथम दिन है।
गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र)
- 1प्रातः अभ्यंग स्नान (तेल मालिश + स्नान)।
- 2गुड़ी स्थापना: बाँस की लाठी पर उल्टा ताँबे/पीतल का कलश, उस पर रेशमी/नई साड़ी, नीम पत्ते, आम पत्ते, फूलमाला और शक्कर की माला बाँधें। इसे घर के बाहर/छत पर ऊँचाई पर लगाएँ।
- 3ब्रह्मा पूजन — ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि रचना आरम्भ की (ब्रह्मपुराण)।
- 4नीम + गुड़ (कड़वा + मीठा) खाएँ — जीवन के सुख-दुःख स्वीकार का प्रतीक।
- 5पंचांग श्रवण — नए वर्ष का पंचांग सुनें।
उगादी (कर्नाटक/आन्ध्र/तेलंगाना)
- 1अभ्यंग स्नान, नए वस्त्र।
- 2बेवु-बेल्ला (उगादी पच्चड़ी): नीम फूल + गुड़ + कच्चा आम + इमली + नमक + मिर्च = षड्रस (6 स्वाद) — जीवन के 6 रसों (सुख, दुःख, क्रोध, भय, घृणा, आश्चर्य) का प्रतीक।
- 3मन्दिर दर्शन, विष्णु/ब्रह्मा पूजा।
- 4पंचांग श्रवण।
सामान्य पूजा
- ▸गणपति पूजन → ब्रह्मा/विष्णु पूजा → कलश स्थापना → पंचांग पाठ → दान।
- ▸इसी दिन चैत्र नवरात्रि भी आरम्भ (कुछ परम्पराओं में)।
महत्व: सृष्टि रचना दिवस, श्रीराम राज्याभिषेक, विक्रमादित्य संवत् आरम्भ।





