ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
20 मार्च 2026

20 मार्च 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

20 मार्च 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र
रेवती
योग
ब्रह्म
करण
बालव
वार
शुक्रवार
हिन्दू मास
चैत्र
ऋतु
वसन्त
सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
18:32

आज के पर्व

चंद्र

20 मार्च 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

शुक्रवार को सफेद वस्तुएं दान करने का क्या महत्व है?

शुक्रवार शुक्र ग्रह का दिन है, सफेद रंग शुक्र का कारक है। सफेद वस्तुओं (चावल, दूध, वस्त्र, मिश्री) का दान करने से शुक्र मजबूत होता है — वैवाहिक सुख, सौंदर्य और भौतिक समृद्धि बढ़ती है।

शुक्रवार को कौन से काम शुभ?

शुक्रवार=शुक्र(लक्ष्मी/सौंदर्य)। खरीदारी, वाहन, कपड़े, आभूषण, कला, गृहप्रवेश। संतोषी/लक्ष्मी पूजा। खट्टा वर्जित(व्रत)।

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में पूजा का क्या अंतर है?

चैत्र: वसंत, नववर्ष, सौम्य देवी, राम नवमी। शारदीय: शरद, उग्र देवी, दशहरा/रावण दहन, बंगाल दुर्गा पूजा। पूजा विधि समान — घटस्थापना, 9 दिन, सप्तशती।

चंद्र देव की पूजा कैसे करें?

सोमवार शाम/रात, चंद्र दर्शन, सफ़ेद फूल+दूध। 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे' 108। चावल/दूध/चांदी दान। पूर्णिमा सर्वोत्तम। मोती(ज्योतिषी)। शांति/नींद/माता सुख।

राम जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा है

राम पूजा के लिए — मंगलवार (हनुमान के साथ), रामनवमी (चैत्र शुक्ल नवमी, जन्म-दिवस) सर्वोत्तम। नित्य राम-नाम जप में कोई भी दिन उत्तम है। शनिवार को हनुमान-राम पूजन शनि-पीड़ा निवारण के लिए विशेष।

मानसिक तनाव और डिप्रेशन दूर करने का मंत्र

डिप्रेशन और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए भगवान शिव के 'ॐ नमः शिवाय' और चंद्र देव के बीज मंत्र का गहरी सांसों के साथ मानसिक जप करना चाहिए।

वैभव लक्ष्मी व्रत की विधि और कथा क्या है?

11/21 शुक्रवार। संध्या पूजा, कमल, घी दीपक। व्रत कथा सुनें। खीर भोग। कथा पुस्तक दूसरी को दें। कथा: निर्धन→व्रत→धन; अपमान→दरिद्रता; पुनः व्रत→सुख। लोक परंपरा।

शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा करने का विशेष विधान क्या है?

शुक्रवार = लक्ष्मी दिन। सफेद/गुलाबी वस्त्र, कमल, कुमकुम, घी दीपक। श्री सूक्त / चालीसा + 108 जप। खीर भोग। व्रत: निराहार/फलाहार, सफेद वस्तु दान। संध्या तुलसी दीपक।

सोमवार को कौन से काम शुभ?

सोमवार=चंद्र। शिव पूजा, यात्रा, नया कार्य, दूध/चांदी/मोती खरीद, गृहप्रवेश, शिक्षा, चिकित्सा। शत्रु/आक्रामक कार्य वर्जित।

संतोषी माता व्रत कथा और पूजा विधि क्या है?

16 शुक्रवार व्रत। भोग: गुड़+चना। खट्टा सर्वथा वर्जित (खाना+खिलाना)। एक समय भोजन। व्रत कथा+आरती। उद्यापन: 8 बालकों को भोजन। कथा: छोटी बहू → माता दर्शन → व्रत → सुख-समृद्धि। पुराणों में स्पष्ट उल्लेख नहीं — लोक परंपरा आधारित।

कमला देवी की पूजा कब और कैसे करते हैं?

कमला पूजा का समय: प्रत्येक शुक्रवार + दीपावली अमावस्या। धनतेरस से दीपावली तक लक्ष्मी-कुबेर पूजन। ब्रह्म मुहूर्त = शुभ समय।

माँ त्रिपुर सुंदरी की साधना कब करनी चाहिए?

माँ त्रिपुर सुंदरी साधना का शुभ काल: शुक्रवार = विशेष शुभ। गुप्त नवरात्रि और पूर्णिमा भी उपयुक्त। अन्य शुभ तिथियों पर भी साधना की जा सकती है।

माँ बगलामुखी की साधना कब करनी चाहिए?

बगलामुखी साधना का शुभ काल: गुप्त नवरात्रि में विशेष शुभ। यंत्र स्थापना = शुक्रवार। साधना का उत्तम समय = रात्रि 9 से 12 बजे के बीच।

वसंत पंचमी 2026 में कब है?

वसंत पंचमी 2026: 23 जनवरी, शुक्रवार। पंचमी तिथि: 23 जनवरी 02:28 से 24 जनवरी 01:46 तक। पूजा का शास्त्रसम्मत मुहूर्त: प्रातः 07:15 से दोपहर 12:50 तक।

महामृत्युंजय मंत्र किस अध्याय में है?

महामृत्युंजय मंत्र = रुद्राष्टाध्यायी के षष्ठ अध्याय 'महच्छिर सूक्त' में। देवता: चंद्र। आयु वृद्धि, आरोग्य और मृत्यु भय के निवारण के लिए।

२ मुखी रुद्राक्ष के देवता, मंत्र और ज्योतिषीय लाभ क्या हैं?

२ मुखी रुद्राक्ष अर्धनारीश्वर स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ नमः' है और यह चंद्र ग्रह के दोष मिटाकर गो-हत्या पाप का नाश करता है।

संतोषी माता का व्रत किस दिन करते हैं?

संतोषी माता का व्रत शुक्रवार के दिन किया जाता है, क्योंकि यह दिन शुक्र ग्रह से जुड़ा है जो सुख, शांति और माधुर्य का प्रतीक है।

सूर्य, चंद्र, वायु, अग्नि और आकाश मनुष्य के कर्म क्यों जानते हैं?

गरुड़ पुराण के तृतीय अध्याय के अनुसार सूर्य, चंद्र, वायु, अग्नि, आकाश, भूमि, जल, हृदय और दोनों संध्याएँ — ये सभी मनुष्य के कर्मों के नित्य साक्षी हैं। साथ ही यमराज के गुप्तचर श्रवण भी सभी कर्म जानते हैं।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

शहर अनुसार पंचांग
अपने नगर का पंचांग देखें

3,000+ नगरों का सटीक पंचांग, मुहूर्त और राहु काल।