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5 अप्रैल 2026

5 अप्रैल 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

5 अप्रैल 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण तृतीया
नक्षत्र
विशाखा
योग
वज्र
करण
विष्टि
वार
रविवार
हिन्दू मास
वैशाख
ऋतु
वसन्त
सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:41

आज के पर्व

संकष्टी

5 अप्रैल 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

विष्णु जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा है

विष्णु-पूजा के लिए — गुरुवार (प्रमुख दिन, पीले वस्त्र और केले का भोग), एकादशी (प्रिय तिथि), वैशाख और कार्तिक मास (विशेष पुण्यकारी)। जन्माष्टमी और रामनवमी अवतार-पर्व हैं।

गणपति अथर्वशीर्ष 21 बार पढ़ने से क्या होता है?

संकष्टी पर 21 बार=दोगुना फल, बिगड़े काम बनें। अथर्वशीर्ष: 1000 बार=सभी कामना सिद्ध। महाविघ्न/महापाप मुक्ति। दैनिक 1, बुधवार विशेष। विद्यार्थी/व्यापारी/सभी।

रविवार को नमक क्यों नहीं देना चाहिए?

ज्योतिष के अनुसार रविवार सूर्य का दिन है और नमक सूर्य से जुड़ा है। रविवार को नमक देने से सूर्य कमजोर होता है — आत्मविश्वास में कमी और बरकत जाने की मान्यता है। यह लोक-मान्यता आधारित है।

युगादि तिथि क्या होती है?

जिस तिथि को युगारंभ से जोड़ा जाए, वह युगादि तिथि कही जाती है।

तृतीया श्राद्ध वरार्थिनी क्यों है?

तृतीया तिथि वरदान देने वाली मानी गई है, इसलिए वरार्थिनी है।

मार्कण्डेय पुराण में तृतीया श्राद्ध क्या है?

मार्कण्डेय पुराण तृतीया को वरदान देने वाली तिथि कहता है।

तांत्रिक पूजा के लिए कौन सा दिन उत्तम है?

तांत्रिक पूजा के लिए शनिवार और रविवार सबसे उत्तम दिन हैं — निशिता काल (मध्यरात्रि) में पूजा करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

रविवार को तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए क्यों?

रविवार को माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, इसलिए उस दिन पत्ते तोड़ना या जल चढ़ाना उनके व्रत को खंडित करना माना जाता है। विष्णु पुराण में यह स्पष्ट वर्जित है।

सूर्य ग्रह मजबूत करने रविवार उपाय

रविवार: अर्घ्य+आदित्य हृदय+'ॐ सूं सूर्याय नमः' 108+लाल वस्त्र+गुड़/गेहूं दान+माणिक+पिता सम्मान+गायत्री।

रविवार को लाल रंग पहनने का महत्व

रविवार = लाल/केसरिया (सूर्य)। तेज, अधिकार, स्वास्थ्य, नेतृत्व। सूर्य पूजा, अर्घ्य। माणिक रत्न। ज्योतिष परंपरा।

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का शास्त्रीय आधार क्या है?

सोना अक्षय: 'अक्षय' तिथि=अक्षय फल, सोना=अविनाशी (शाश्वत समृद्धि), लक्ष्मी प्रतीक, अक्षय पात्र कथा। शास्त्रीय सत्य: मूलतः 'अक्षय दान' = सर्वोत्तम (दान>खरीदारी)। अबूझ मुहूर्त=सदा शुभ।

बैसाखी पर पूजा का क्या विधान है?

बैसाखी: वैशाख संक्रांति (13-14 अप्रैल)। विधान: पवित्र स्नान → सूर्य अर्घ्य ('ॐ सूर्याय नमः') → मन्दिर दर्शन → नई फसल (गेहूँ) भगवान को अर्पण → अन्नदान-वस्त्रदान → सामूहिक भोज। सौर नववर्ष, फसल कृतज्ञता पर्व।

वैशाख मास में दान का क्या विधान है

वैशाख दान: सर्वोत्तम दान मास। जलदान (प्रमुख — ग्रीष्म), सत्तू, छाता, पंखा, जूता-चप्पल, फल। अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल 3) = अक्षय फल। बुद्ध पूर्णिमा। 'वैशाखे...तत्सर्वमक्षयं' — वैशाख दान = अक्षय। पद्मपुराण, स्कन्दपुराण में माहात्म्य।

संकष्टी चतुर्थी व्रत कैसे रखें

संकष्टी चतुर्थी: कृष्ण पक्ष चतुर्थी, गणेश व्रत। प्रातः स्नान → संकल्प → दिनभर उपवास → सायं गणेश पूजा (दूर्वा, मोदक, लाल फूल) → 'ॐ गं गणपतये नमः' 108 बार → चन्द्रोदय पर चन्द्र दर्शन + अर्घ्य → तभी पारण। मंगलवार = अंगारकी (अत्यन्त शुभ)।

सूर्य ग्रह शांति पूजा कैसे करवाएं?

सूर्य शांति: प्रतिदिन ताम्बे से सूर्य अर्घ्य (सबसे सरल) → 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' 7000 जप → मदार समिधा से हवन → आदित्य हृदय स्तोत्र (सर्वश्रेष्ठ) → दान (गेहूँ, गुड़, ताँबा) → रविवार व्रत → सूर्य नमस्कार।

रविवार को सूर्य देव की पूजा कैसे करें?

सूर्योदय पर तांबे लोटे से अर्घ्य (जल+रोली+लाल फूल), 'ॐ सूर्याय नमः' 11 बार, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य नमस्कार। गुड़+गेहूँ दान। खड़े होकर अर्घ्य। लाभ: स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, सरकारी सफलता।

रविवार को कौन से काम शुभ?

रविवार=सूर्य(अधिकार/सरकार)। शुभ: सूर्य पूजा, सरकारी कार्य, पद, माणिक। गृहप्रवेश/विवाह कुछ में वर्जित। सूर्य नमस्कार।

सूर्य देव की पूजा विधि?

प्रातः तांबा लोटा जल+फूल+अक्षत→सूर्य ओर धारा→'ॐ सूर्याय' 7 बार। 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय' 108। आदित्य हृदय स्तोत्र। रविवार/छठ/संक्रांति। सरल: 1 लोटा जल=पर्याप्त।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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