विस्तृत उत्तर
वैशाख मास (अप्रैल-मई) दान के लिए सर्वोत्तम माना गया है। पद्म पुराण में वैशाख माहात्म्य का विस्तृत वर्णन है।
विशेष दान
- 1जलदान (सर्वोत्तम): ग्रीष्म ऋतु में प्यासों को जल पिलाना सबसे बड़ा दान — प्याऊ लगाना, सार्वजनिक जल व्यवस्था।
- 2सत्तू दान: सत्तू + शक्कर + जल = गर्मी में शीतल पेय। अत्यन्त पुण्यदायी।
- 3छाता/पंखा दान: धूप से रक्षा।
- 4जूता-चप्पल दान: गर्म भूमि से पैरों की रक्षा।
- 5फल दान: खरबूजा, ककड़ी, आम, तरबूज।
- 6अन्नदान, वस्त्रदान।
स्नान
वैशाख में प्रातः स्नान (वैशाख स्नान) भी शुभ — सूर्योदय से पूर्व।
अक्षय तृतीया
वैशाख शुक्ल तृतीया = अक्षय तृतीया — इस दिन दान अक्षय (अनन्त) फल देता है।
परशुराम जयन्ती
वैशाख शुक्ल तृतीया — भगवान परशुराम जन्म।
बुद्ध पूर्णिमा
वैशाख पूर्णिमा — बुद्ध जन्म/ज्ञान/निर्वाण। स्नान-दान का विशेष पुण्य।
शास्त्रीय उक्ति
वैशाखे मासि या दत्ता दक्षिणा यत्र कुत्रचित्। तत्सर्वमक्षयं विद्यात् प्रसादात् केशवस्य च॥' — वैशाख में कहीं भी दिया गया दान अक्षय होता है।





