ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
व्रत एवं पर्व📜 पद्म पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, स्मृति ग्रंथ2 मिनट पठन

चातुर्मास में क्या क्या नियम पालन करने चाहिए

संक्षिप्त उत्तर

चातुर्मास नियम: सावन = साग त्याग, भाद्रपद = दही, आश्विन = दूध, कार्तिक = दाल। शुभ/मांगलिक कार्य वर्जित। भक्ति: एकादशी व्रत, गीता/विष्णु सहस्रनाम। दान अवश्य। ब्रह्मचर्य, भूमि शयन, सादा भोजन, वाणी संयम। मूल भावना: संयम + भक्ति + आत्मशुद्धि।

📖

विस्तृत उत्तर

चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी — ~4 मास) साधना, संयम और आत्मशुद्धि का काल है।

पालन करने योग्य नियम

1आहार नियम (मास अनुसार)

  • सावन: साग/हरी पत्तेदार सब्जी का त्याग।
  • भाद्रपद: दही का त्याग।
  • आश्विन: दूध का त्याग।
  • कार्तिक: दाल/द्विदल अन्न का त्याग।
  • सम्पूर्ण चातुर्मास: गुड़, शहद, तेल, मूली, परवल, बैंगन वर्जित (कुछ परम्पराओं में)।

2शुभ कार्य वर्जित

विवाह, गृहप्रवेश, मुण्डन, नामकरण, सगाई आदि मांगलिक कार्य न करें।

3भक्ति-साधना

  • विष्णु/शिव उपासना नित्य करें।
  • एकादशी व्रत नियमित रखें।
  • गीता पाठ, विष्णु सहस्रनाम, रामायण पाठ।
  • मंत्र जप और अनुष्ठान।

4दान

जरूरतमन्दों को अन्न, वस्त्र, छाता, चप्पल, धन दान।

5संयमित जीवन

  • ब्रह्मचर्य पालन।
  • भूमि शयन (कुछ परम्पराओं में)।
  • प्रातः जल्दी उठना, रात्रि जल्दी सोना।
  • सादा भोजन, वाणी संयम।
  • आत्मचिन्तन और मन की शुद्धि।

6विशेष पर्व

चातुर्मास में अनेक पर्व आते हैं — गुरु पूर्णिमा, रक्षाबन्धन, कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा — इनका विधिपूर्वक पालन।

ध्यान दें: नियम कठोरता कुलाचार और परम्परा अनुसार भिन्न होती है। मूल भावना — संयम, भक्ति, आत्मशुद्धि।

📜
शास्त्रीय स्रोत
पद्म पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, स्मृति ग्रंथ
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

चातुर्मासनियमसंयमव्रत

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

चातुर्मास में क्या क्या नियम पालन करने चाहिए — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको व्रत एवं पर्व से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर पद्म पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, स्मृति ग्रंथ पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।