ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
30 जुलाई 2026

30 जुलाई 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

30 जुलाई 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र
श्रवण
योग
आयुष्मान
करण
बालव
वार
गुरुवार
हिन्दू मास
श्रावण
ऋतु
वर्षा
सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
19:13

आज के पर्व

Ishti

30 जुलाई 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

श्रावण मास में प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का नियम क्या है?

प्रातःकाल सर्वोत्तम। गंगाजल श्रेष्ठ, शुद्ध जल भी स्वीकार्य। तांबे/कांसे/मिट्टी के लोटे से (शंख वर्जित)। 'ॐ नमः शिवाय' जपते हुए। जलाधारी उत्तर दिशा। शिव पुराण: 'जलेन वृष्टिमाप्नोति' = धन प्राप्ति। केवल सोमवार नहीं, प्रतिदिन चढ़ाएं। निर्माल्य जल ग्रहण न करें।

हल्दी तिलक कब लगाना शुभ है

हल्दी तिलक गुरुवार को, मांगलिक कार्यों के आरंभ में, गणेश-लक्ष्मी पूजन में और विवाह-संस्कार में विशेष रूप से शुभ है। यह बृहस्पति ग्रह को बल देता है और मंगलाचरण का प्रतीक है।

गुरुवार को कौन से काम शुभ?

गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।

गुरुवार को केले का दान क्यों करते हैं?

गुरुवार = बृहस्पति (गुरु) दिन। केला = पीला (गुरु का रंग) + विष्णु/बृहस्पति प्रतीक। विधि: पीले केले + 'ॐ बृहस्पतये नमः' + दान। लाभ: ज्ञान, सम्मान, संतान सुख, विवाह बाधा दूर।

श्रावण मास में शिव मंत्र जप का अनुष्ठान कैसे करें?

संकल्प → सवा लाख (1,25,000) या यथाशक्ति → दैनिक ÷30 → ब्रह्ममुहूर्त/प्रदोष → रुद्राक्ष माला → सात्विक नियम → समापन: हवन+दान। सरल: 108/दिन पूरे सावन = ~3,240। 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय।

नाना-नानी का श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी के लिए प्रतिपदा श्राद्ध विशेष माना गया है।

पड़वा श्राद्ध क्या होता है?

पड़वा श्राद्ध प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध है।

प्रतिपदा मातृकुल के लिए खास क्यों है?

प्रतिपदा नाना-नानी के श्राद्ध के लिए विशेष मानी गई है।

मातामह श्राद्ध क्या है?

नाना-नानी के लिए किया जाने वाला श्राद्ध मातामह श्राद्ध है।

नाना-नानी का श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी के श्राद्ध के लिए प्रतिपदा तिथि विशेष मानी गई है।

नाना-नानी की मृत्यु तिथि याद न हो तो श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी की मृत्यु तिथि याद न हो या किसी अन्य तिथि पर हुई हो — फिर भी श्राद्ध पितृ पक्ष की 'प्रतिपदा तिथि' को ही करें। यह प्रतिपदा का विशेष विशेषाधिकार है जो केवल मातृकुल को दिया गया है।

यमलोक की गुप्तचर व्यवस्था कैसे काम करती है?

यमलोक की गुप्तचर व्यवस्था श्रवण-श्रवणी देवों से चलती है, जो हर गुप्त कर्म देखकर चित्रगुप्त तक पहुँचाते हैं।

नवरात्रि के पहले दिन किस देवी की पूजा होती है?

नवरात्रि का पहला दिन (प्रतिपदा) = माँ शैलपुत्री को समर्पित। माता शैलपुत्री = हिमालय की पुत्री। वे मानव की आंतरिक शक्ति, दृढ़ता और प्रकृति की आदि-ऊर्जा की साक्षात् प्रतीक हैं।

2026 में चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है?

2026 चैत्र नवरात्रि: 19 मार्च (गुरुवार)। सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: 06:52 से 07:43 (मीन लग्न + शुद्ध प्रतिपदा)। अभिजित मुहूर्त: 12:05 से 12:53। राहुकाल: 14:48 से 16:18 (वर्जित)। 06:52 से पहले अमावस्या प्रभाव — उससे पहले न करें।

कलश स्थापना सुबह किस समय करनी चाहिए?

कलश स्थापना का सर्वश्रेष्ठ समय = प्रतिपदा का प्रथम एक-तिहाई भाग (प्रातःकाल)। 2026 में 19 मार्च: प्रातः 06:52 से 07:43 (मीन लग्न + शुद्ध प्रतिपदा का संयोग)। 06:52 से पहले अमावस्या प्रभाव — उससे पहले न करें।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें?

मुहूर्त के नियम (निर्णयसिन्धु): प्रतिपदा तिथि की व्याप्ति अनिवार्य। सर्वश्रेष्ठ = प्रतिपदा का प्रथम एक-तिहाई भाग (प्रातःकाल)। विकल्प = अभिजित मुहूर्त (मध्याह्न)। शुभ लग्न = द्विस्वभाव (मीन, मिथुन, कन्या, धनु)।

गृहस्थों के लिए असितांग भैरव साधना कब करें?

गृहस्थों के लिए असितांग भैरव साधना दिन में — गुरुवार को सूर्योदय के बाद करनी चाहिए।

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पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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