भगवान कार्तिकेय नाम मंत्र
षण्मुख
चारों दिशाओं, ऊपर और नीचे से आने वाली विपत्तियों से पूर्ण सुरक्षा।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
चारों दिशाओं, ऊपर और नीचे से आने वाली विपत्तियों से पूर्ण सुरक्षा।
इस मंत्र से क्या होगा?
चारों दिशाओं, ऊपर और नीचे से आने वाली विपत्तियों से पूर्ण सुरक्षा
जाप विधि
सभी ६ दिशाओं (चार दिशाएं, आकाश, पाताल) का ध्यान करते हुए मानसिक जप।
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सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 24
bhakti mantraसीता राम सीता राम जय जय सीता राम
gyan mantraया कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना । या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥
siddh mantraॐ नमो भगवती वद वद वाग्देवी स्वाहा
jap mantraॐ महालक्ष्म्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि। तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्॥
ugra mantraक्लीं क्लीं हूं