भगवान विष्णु नाम मंत्र
श्री हरि
सभी प्रकार के लौकिक एवं अलौकिक कष्टों का शमन एवं सर्वमंगल की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
सभी प्रकार के लौकिक एवं अलौकिक कष्टों का शमन एवं सर्वमंगल की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
सभी प्रकार के लौकिक एवं अलौकिक कष्टों का शमन एवं सर्वमंगल की प्राप्ति
जाप विधि
रुद्राक्ष या तुलसी माला पर दिन में ३ बार (त्रिकाल) वैखरी या उपांशु जप।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा ॥
gyan mantraयां मेधां देवगणाः पितरश्चोपासते । तया मामद्य मेधयाऽग्ने मेधाविनं कुरु स्वाहा ॥
stotra mantraॐ हरिर्विदध्यान्मम सर्वरक्षां न्यस्ताङ्घ्रिपद्मः पतगेन्द्रपृष्ठे। दरारिचर्मासिगदेषुचापाशान् दधानोsष्टगुणोsष्टबाहुः।। 7
tantrik mantraॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा
sabar mantraक्रिम कामाख्या माई निज भैरव के संग आई देवे मनोवांछित सिद्धि पूरे सब कामना लेवे अडहुल का फूल सब स्त्री तोरा रूप मनसा पूरो माई तो शंकर की दुहाई क्रिंग क्रिंग क्रीम 18
vaidik mantraॐ ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत् । तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम् ॥