भगवान शिव नाम मंत्र
त्र्यम्बक
त्रिकाल दृष्टि, ज्ञान-चक्षु (Third Eye) का जागरण एवं सर्व-पापों का नाश।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
त्रिकाल दृष्टि, ज्ञान-चक्षु (Third Eye) का जागरण एवं सर्व-पापों का नाश।
इस मंत्र से क्या होगा?
त्रिकाल दृष्टि, ज्ञान-चक्षु (Third Eye) का जागरण एवं सर्व-पापों का नाश
जाप विधि
दोनों भृकुटियों के मध्य (आज्ञा चक्र) पर ध्यान केंद्रित कर मानसिक जप।
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ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पुर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
beej mantraक्रीं
kavach mantraक्रीं कालिकायै स्वाहा मम नाभिं सदावतु ॥ ह्रीं कालिकायै स्वाहा मम पृष्ठं सदावतु । रक्तबीजविनाशिन्यै स्वाहा हस्तौ सदावतु ॥ नीलुत्वल दलश्यामा शत्रु संघ विदारणी नरमुंड तथा खगम कमलम च वरम तथा निर्भयाम रक्त बदनाम दस्ताली घोर रूपणी शवासनताम काली मुंडमाला विभूषिताम सर्वाङ्गं पातु मे देवी सर्व संपत् करे शुभे सर्व देव स्तु ते देवी कालिके तवाम नमाम यहम 23
ugra mantraॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं असितांग भैरवाय नमः
dhyan mantraवसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥
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