ग्रह उपायगुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।#गुरु#बृहस्पति#गुरुवार
तंत्र शास्त्रतांत्रिक साधना में गुरु का होना क्यों अनिवार्य है?कुलार्णव: 'गुरु बिना मंत्र नहीं।' कारण: मंत्र चैतन्य (गुरु जागृत करें), सूक्ष्म विधि (भूल=गंभीर), शक्ति हस्तांतरण (परंपरा), सुरक्षा कवच (उग्र शक्तियां), अनुभव (ग्रंथ≠अनुभव)। गुरु गीता: 'गु=अंधकार, रु=प्रकाश।'#गुरु#अनिवार्य#तंत्र
वार शास्त्रगुरुवार को कौन से काम शुभ?गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।#गुरुवार#शुभ#बृहस्पति
धार्मिक उपायगुरुवार को केले का दान क्यों करते हैं?गुरुवार = बृहस्पति (गुरु) दिन। केला = पीला (गुरु का रंग) + विष्णु/बृहस्पति प्रतीक। विधि: पीले केले + 'ॐ बृहस्पतये नमः' + दान। लाभ: ज्ञान, सम्मान, संतान सुख, विवाह बाधा दूर।#गुरुवार#केला दान#गुरु ग्रह
तंत्र साधनातंत्र में शक्तिपात के समय क्या अनुभव होता है?गुरु → शिष्य ऊर्जा transfer। कंपन/गर्मी-ठंडक/विद्युत, रोना/हंसना/आनंद, प्रकाश/देवता दर्शन, नाद, शून्यता। स्पर्श/दृष्टि/मंत्र से। काश्मीर शैव: तीव्र/मध्यम/मंद। अनुभव व्यक्तिगत।#शक्तिपात#अनुभव#गुरु
नियम और सावधानियाँश्री विद्या साधना में गुरु दीक्षा क्यों अनिवार्य है?श्री विद्या में गुरु दीक्षा अनिवार्य क्यों: मंत्र का अर्थ + प्रत्येक अक्षर की शक्ति + साधना के क्रम (सृष्टि-स्थिति-संहार) = गुरु से ही समझना जरूरी। पञ्चदशी मंत्र = अत्यंत गोपनीय — केवल योग्य गुरु से दीक्षा द्वारा।#गुरु दीक्षा#गुरु परंपरा#मंत्र अर्थ
गुरु कृपा और साधना मर्मगुरु द्वारा दिया गया मंत्र साधारण मंत्र से कैसे अलग है?गुरु का मंत्र केवल शब्द नहीं होता — वह गुरु की तपस्या और मंत्र-चैतन्य से युक्त होता है जो शिष्य के भीतर शीघ्र फलित होता है।#गुरु मंत्र#तपस्या#मंत्र चैतन्य
पाशुपत अस्त्र साधनापाशुपत साधना में गुरु-दीक्षा क्यों अनिवार्य है?मंत्र की सटीक विधि और तीव्र ऊर्जा को नियंत्रित करने के लिए गुरु-दीक्षा अनिवार्य है।#गुरु#दीक्षा#अनिवार्यता
वार भेद और फलगुरु प्रदोष (गुरुवार) और भृगुवारा प्रदोष (शुक्रवार) के क्या फल हैं?#गुरु प्रदोष#शुक्र प्रदोष#सौभाग्य
दैनिक आचारगुरुवार को बाल धोना चाहिए या नहींलोक मान्यता: गुरुवार बाल धोना अशुभ (बृहस्पति कमजोर)। शास्त्रीय आधार नहीं — पूर्णतः लोक/ज्योतिष। स्वच्छता > परंपरा। आस्था अनुसार; आवश्यकता हो तो धो सकते हैं।#गुरुवार#बाल धोना#बृहस्पति
दैनिक आचारगुरुवार को पीला पहनने से क्या होता हैगुरुवार-पीला = बृहस्पति कृपा — ज्ञान, शिक्षा, धन, विवाह सुख, सम्मान। विष्णु पूजा, केला दान। बृहस्पति = गुरु/ज्ञान/धर्म। ज्योतिष परंपरा।#गुरुवार#पीला#बृहस्पति
ज्योतिष नियमगुरुवार को पीला कपड़ा पहनने से क्या लाभ होता है?गुरुवार बृहस्पति ग्रह का दिन है, पीला रंग बृहस्पति का कारक है। पीला पहनने से भाग्य वृद्धि, ज्ञान, शिक्षा में सफलता, विवाह बाधा निवारण और धन-समृद्धि होती है।#गुरुवार#बृहस्पति#पीला रंग