विस्तृत उत्तर
गुरु द्वारा दिया गया मंत्र केवल शब्द नहीं होता, वह गुरु की तपस्या और मंत्र-चैतन्य से युक्त होता है, जो शिष्य के भीतर शीघ्र फलित होता है।
गुरु का मंत्र केवल शब्द नहीं होता — वह गुरु की तपस्या और मंत्र-चैतन्य से युक्त होता है जो शिष्य के भीतर शीघ्र फलित होता है।
गुरु द्वारा दिया गया मंत्र केवल शब्द नहीं होता, वह गुरु की तपस्या और मंत्र-चैतन्य से युक्त होता है, जो शिष्य के भीतर शीघ्र फलित होता है।
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