विस्तृत उत्तर
वास्तव में, त्रिपुर भैरवी की साधना का सर्वोच्च फल 'मोक्ष' है, जिसे शास्त्रों में 'परम पुरुषार्थ' कहा गया है।
उनकी कृपा से साधक को भोग और मोक्ष, दोनों की प्राप्ति होती है।
जो भी भक्त शुद्ध हृदय, कल्याण की भावना और अटूट श्रद्धा के साथ उनकी शरण में जाता है, माँ भैरवी उसका हाथ पकड़कर उसे समस्त भयों से पार लगा देती हैं।





