लोकवितल लोक क्या है?वितल लोक सात अधोलोकों में दूसरा लोक है। यह अतल के नीचे और सुतल के ऊपर स्थित बिल-स्वर्ग है, नरक नहीं।#वितल लोक#अधोलोक#बिल-स्वर्ग
लोकसुतल लोक मोक्ष का स्थान है या कर्म-भोग का?गरुड़ पुराण के अनुसार सुतल लोक कर्म-भोग का स्थान है, मोक्ष का नहीं, पर भगवान विष्णु की उपस्थिति से यह पवित्र है।#सुतल मोक्ष#कर्म भोग#गरुड़ पुराण
लोकसुतल लोक में सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश कैसे होता है?सुतल में सूर्य-चंद्र का प्रत्यक्ष प्रकाश नहीं आता; नाग-मणियाँ प्रकाश देती हैं और अप्रत्यक्ष किरणें बिना गर्मी या ठंड के प्रभाव देती हैं।#सुतल सूर्य चंद्र#सुतल प्रकाश#विष्णु पुराण
लोकसुतल लोक में अंधेरा क्यों नहीं होता?सुतल लोक में नागों के फणों की दिव्य मणियों से प्रकाश होता है, इसलिए वहाँ अंधेरा नहीं रहता।#सुतल अंधेरा#नाग मणि#प्रकाश
लोकसुतल लोक का आकार कितना बड़ा है?सुतल लोक का विस्तार अत्यंत विशाल है; प्रत्येक अधोलोक की ऊँचाई और गहराई दस हजार योजन बताई गई है।#सुतल लोक आकार#सुतल विस्तार#दस हजार योजन
लोकसुतल लोक पृथ्वी से कितने योजन नीचे है?सुतल लोक पृथ्वी से तीस हजार योजन नीचे बताया गया है।#सुतल लोक योजन#तीस हजार योजन#पृथ्वी
लोकसुतल लोक पृथ्वी से कितनी दूर है?सुतल लोक पृथ्वी से तीस हजार योजन, लगभग दो लाख चालीस हजार मील, नीचे स्थित है।#सुतल लोक दूरी#पृथ्वी से सुतल#योजन
लोकभगवान वामन ने पहले पग में क्या नापा?भगवान वामन ने पहले पग में संपूर्ण पृथ्वी और सभी अधोलोकों को नाप लिया।#पहला पग#भगवान वामन#त्रिविक्रम
लोकसुतल लोक को बिल-स्वर्ग क्यों कहते हैं?सुतल लोक को बिल-स्वर्ग इसलिए कहा गया है क्योंकि यह भूमिगत होते हुए भी स्वर्ग से अधिक ऐश्वर्यशाली, सुंदर और सुखमय है।#बिल-स्वर्ग#सुतल लोक#भूमिगत स्वर्ग
लोकक्या सुतल लोक नरक है?नहीं, सुतल लोक नरक नहीं है। यह बिल-स्वर्ग है और भगवान विष्णु की उपस्थिति के कारण अत्यंत पवित्र माना गया है।#क्या सुतल नरक है#सुतल लोक#बिल-स्वर्ग
लोकक्या सुतल लोक पाताल लोक है?हाँ, सुतल लोक सात अधोलोकों या पाताल मंडल का तीसरा लोक है, लेकिन यह नरक नहीं बल्कि बिल-स्वर्ग है।#सुतल लोक#पाताल लोक#अधोलोक
लोकसुतल लोक कहाँ है?सुतल लोक पृथ्वी के धरातल से तीस हजार योजन नीचे स्थित है। यह सात अधोलोकों में तीसरा लोक है।#सुतल लोक कहाँ है#सुतल लोक स्थान#अधोलोक
लोकसुतल लोक क्या है?सुतल लोक सात अधोलोकों में तीसरा लोक है। यह नरक नहीं, बल्कि बिल-स्वर्ग है, जहाँ महाराजा बलि रहते हैं और भगवान विष्णु स्वयं उनकी रक्षा करते हैं।#सुतल लोक#अधोलोक#बिल-स्वर्ग
लोकवायु पुराण में तलातल का कौन सा नाम मिलता है?वायु पुराण में तलातल को गभस्तल कहा गया है।#वायु पुराण#तलातल#गभस्तल
लोकविष्णु पुराण में तलातल को किस नाम से बताया गया है?विष्णु पुराण में तलातल को गभस्तिमत् कहा गया है।#विष्णु पुराण#तलातल#गभस्तिमत्
लोकतलातल में नागों की कौन सी प्रजातियाँ रहती हैं?तलातल में नागों की कुछ विशिष्ट और शक्तिशाली प्रजातियाँ रहती हैं।#तलातल नाग#नाग प्रजाति#राक्षस
लोकतलातल में सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश क्यों नहीं पहुँचता?तलातल अधोलोक है, इसलिए सूर्य-चंद्रमा का प्रकाश नहीं पहुँचता; नाग-मणियाँ इसे प्रकाशित करती हैं।#तलातल प्रकाश#सूर्य#चंद्रमा
लोकतलातल लोक की मिट्टी कैसी बताई गई है?तलातल की मिट्टी पीली, स्वर्णिम आभा वाली, कोमल और उपजाऊ बताई गई है।#तलातल मिट्टी#पीली मिट्टी#गभस्तिमत्
लोकतलातल लोक का विस्तार कितना है?तलातल का विस्तार लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई में दस हजार योजन बताया गया है।#तलातल विस्तार#दस हजार योजन#लंबाई चौड़ाई ऊँचाई
लोकक्या तलातल लोक नरक है?नहीं, तलातल नरक नहीं है; यह ऐश्वर्यशाली बिल-स्वर्ग है।#तलातल नरक है#तलातल लोक#बिल-स्वर्ग
लोकबिल-स्वर्ग किसे कहा जाता है?पृथ्वी के नीचे स्थित सात ऐश्वर्यशाली अधोलोकों को बिल-स्वर्ग कहा जाता है।#बिल-स्वर्ग#अधोलोक#पाताल लोक
लोकपाताल मंडल क्या होता है?पाताल मंडल पृथ्वी के नीचे स्थित सात अधोलोकों का समूह है।#पाताल मंडल#अधोलोक#बिल-स्वर्ग
लोकतलातल लोक किसे कहते हैं?तलातल सात अधोलोकों में चौथे लोक को कहते हैं, जिसे गभस्तिमत् या गभस्तल भी कहा गया है।#तलातल#गभस्तिमत्#अधोलोक
लोकतलातल लोक क्या है?तलातल सात अधोलोकों में चौथा भव्य और मायावी लोक है, जो सुतल के नीचे और महातल के ऊपर स्थित है।#तलातल लोक#अधोलोक#पाताल मंडल
लोकसात अधोलोक कौन-कौन से हैं?सात अधोलोक हैं: अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल।#अधोलोक#पाताल#रसातल
लोकब्रह्मांड को चौदह लोकों में कैसे बाँटा गया है?ब्रह्मांड चौदह लोकों में बाँटा गया है: सात ऊर्ध्व लोक और सात अधोलोक।#चौदह लोक#ब्रह्मांड#ऊर्ध्व लोक
लोकअतल लोक क्या है?अतल लोक सात अधोलोकों में सबसे पहला लोक है। यह नरक नहीं बल्कि 'बिल-स्वर्ग' है जहाँ स्वर्ग से भी अधिक भौतिक सुख हैं पर आध्यात्मिक ज्ञान का अभाव है।#अतल लोक#परिचय#अधोलोक