विस्तृत उत्तर
वितल लोक सात अधोलोकों की शृंखला में द्वितीय स्तर पर स्थित एक महत्वपूर्ण लोक है। सात अधोलोकों के नाम क्रमशः अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल बताए गए हैं। वितल लोक अतल लोक के ठीक नीचे और सुतल लोक के ठीक ऊपर स्थित है। शास्त्रों के अनुसार ये अधोलोक अंधकारमय नरक या दंड के स्थान नहीं हैं। नरक लोक इन सातों पाताल लोकों के भी नीचे, गर्भोदक सागर के ठीक ऊपर और दक्षिण दिशा में स्थित हैं। इसके विपरीत, इन सात अधोलोकों को पुराणों में बिल-स्वर्ग कहा गया है। वितल लोक सहित ये सभी बिल-स्वर्ग भौतिक ऐश्वर्य, मायावी सौंदर्य और इंद्रिय सुखों की दृष्टि से ऊर्ध्व लोकों, अर्थात स्वर्ग, से भी अधिक समृद्ध और वैभवशाली माने गए हैं। इस प्रकार वितल लोक भौतिक विलासिता और मायावी शक्तियों के एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित है।
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