श्रीमद्भागवतगोकर्ण कथा सुनने का फल क्या है?गोकर्ण कथा का एक अक्षर भी कानों से ग्रहण करने वालों को फिर गर्भ में नहीं आना पड़ा, ऐसा फल बताया गया है।#गोकर्ण कथा#श्रवण फल#पाप नाश
श्रीमद्भागवतप्रेत योनि से मुक्ति कैसे मिलती है?इस कथा में प्रेत योनि से मुक्ति का उपाय श्रीमद्भागवत का सात दिन का पारायण बताया गया है।#प्रेत योनि#मुक्ति#भागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवतआत्मदेव दुखी क्यों थे?आत्मदेव के पास धन और घर होते हुए भी संतान नहीं थी; इसी कारण वे अत्यंत चिंतित और दुखी थे।#आत्मदेव#संतान#दुख
श्रीमद्भागवतधुंधुली कौन थी?धुंधुली आत्मदेव की पत्नी थी; वह सुंदर और कुलीन थी, पर हठी, कृपण, झगड़ालू और कुटिल स्वभाव की बताई गई है।#धुंधुली#आत्मदेव#धुंधुकारी
श्रीमद्भागवतआत्मदेव कहाँ रहते थे?आत्मदेव तुंगभद्रा नदी के तट पर बसे एक उत्तम नगर में रहते थे, जहाँ लोग सत्य और सत्कर्म में तत्पर थे।#आत्मदेव#तुंगभद्रा#गोकर्ण कथा
श्रीमद्भागवतआत्मदेव ब्राह्मण कौन थे?आत्मदेव तुंगभद्रा तट के नगर में रहने वाले वेद और श्रौत-स्मार्त कर्मों में निपुण ब्राह्मण थे।#आत्मदेव#ब्राह्मण#गोकर्ण कथा
श्रीमद्भागवतगोकर्ण धुंधुकारी कथा क्या है?गोकर्ण-धुंधुकारी कथा का आरंभ आत्मदेव, धुंधुली, फल, धुंधुकारी और गोकर्ण के जन्म से होता है।#गोकर्ण कथा#धुंधुकारी#आत्मदेव