विस्तृत उत्तर
गोकर्ण कथा सुनने का फल अत्यंत उज्ज्वल बताया गया है। कहा गया है कि सप्ताह यज्ञ से कथा श्रवण का जो फल संचित होता है, उसे कैसे कहा जाए। जिन्होंने अपने कानों से गोकर्णजी की कथा का एक अक्षर भी पी लिया, वे फिर माता के गर्भ में नहीं आए। जिस गति को लोग वायु, जल या पत्ते खाकर शरीर सुखाने, दीर्घकाल तक तपस्या करने और योगाभ्यास से भी नहीं पा सकते, उसे सप्ताह श्रवण से सहज प्राप्त कर लेते हैं। आगे कहा गया है कि यह पवित्र आख्यान एक बार सुनने से ही पापराशि को भस्म कर देता है। श्राद्ध में पाठ से पितृ तृप्ति और नित्य पाठ से अपुनर्भव का फल भी बताया गया है।
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