आध्यात्मिक साधनाआध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए गृहत्याग जरूरी है या नहीं?गृहत्याग=अनिवार्य नहीं। गीता 5.2: 'कर्मयोग=सन्यास से श्रेष्ठ।' प्रमाण: जनक (राजा=जीवनमुक्त), कबीर (बुनकर=परम संत)। गृहत्याग: तीव्र वैराग्य+गुरु आदेश+कर्तव्य-पूर्ति बाद। अनुचित: कर्तव्य-त्याग/पलायन/दिखावा। गृहस्थ=सर्वश्रेष्ठ क्षेत्र। कमल=जल में रहकर अलग।#गृहत्याग#सन्यास#गृहस्थ
रामचरितमानस — बालकाण्ड'मिथिलेश' कौन हैं?राजा जनक — मिथिला (जनकपुर) के राजा। मिथिला + ईश = मिथिलेश। अन्य नाम — विदेह, जनक, सीरध्वज। बालकाण्ड में — 'बेगि बिदेह नगर निअराया।'#बालकाण्ड
रामचरितमानस — बालकाण्ड'जानकी' नाम क्यों पड़ा?सीताजी राजा जनक की पुत्री हैं — जनक + ई = जानकी (जनक की कन्या)। बालकाण्ड में — 'जोगु जानकिहि यह बरु अहई।' सबसे प्रचलित नाम। रामजी को 'जानकीनाथ/जानकीवल्लभ' कहते हैं।#बालकाण्ड#जानकी#सीता नाम
रामचरितमानस — बालकाण्ड'विदेहकुमारी' कौन हैं?सीताजी — राजा जनक (विदेह) की पुत्री। जनक को 'विदेह' कहते हैं (देह-भाव से परे)। सीताजी के अन्य नाम — जानकी, वैदेही, सीता, जनकसुता, भूमिजा।#बालकाण्ड#विदेहकुमारी#सीता
रामचरितमानस — बालकाण्डसीता-राम विवाह तय होने पर राजा जनक ने किसे दूत बनाकर भेजा?विशिष्ट नाम मानस में नहीं — जनक ने विश्वामित्रजी की सलाह पर दूत भेजे। दूतों ने दशरथ को सब समाचार सुनाये — धनुष भंग, जयमाला, बारात का निमन्त्रण। दशरथ प्रसन्न हुए, बारात की तैयारी शुरू।#बालकाण्ड#दूत#जनक
रामचरितमानस — बालकाण्डविवाह में जनक ने कितना दहेज दिया?अपार दहेज — दासी, दास, घोड़े, रथ, हाथी, गायें, वस्त्र, मणि, सोने के बर्तन, कम्बल, पटोरे — 'दाइज दीन्ह न जाइ बखाना' — जिसका वर्णन नहीं हो सकता।#बालकाण्ड#दहेज#जनक
रामचरितमानस — बालकाण्डसीता-राम विवाह में कन्यादान किसने किया?राजा जनक ने — 'गहि गिरीस कुस कन्या पानी। भवहि समरपीं जानि भवानी' — कुश हाथ में लेकर कन्या का हाथ पकड़कर भवानी (सीता) को भव (राम) को समर्पित किया। सीता-राम को शिव-पार्वती समान माना।#बालकाण्ड#कन्यादान#जनक
रामचरितमानस — बालकाण्डराजा जनक ने अयोध्या में दूत क्यों भेजे?धनुष भंग और जयमाला के बाद विवाह की औपचारिक प्रक्रिया के लिये। दशरथ को बारात लेकर आने का निमन्त्रण। वसिष्ठजी ने कहा — 'राजन राम सरिस सुत जाकें' — राम जैसे पुत्र हैं, बारात सजाओ।#बालकाण्ड#दूत#जनक
रामचरितमानस — बालकाण्डशिवजी का धनुष (पिनाक) कहाँ से आया — किसने दिया?शिव का धनुष (पिनाक) जनक वंश में पूर्वजों से चला आया। पुराणों अनुसार दक्ष यज्ञ विध्वंस के बाद देवताओं से जनक कुल में आया। मानस में विस्तृत उत्पत्ति नहीं — 'संकर चापु जहाजु' कहा गया।#बालकाण्ड#पिनाक#शिव धनुष
रामचरितमानस — बालकाण्डजनकपुर में राजा जनक ने विश्वामित्रजी का कैसे स्वागत किया?जनक ने ब्राह्मणों के साथ आकर दण्डवत किया, आसन दिया, चरण पखारे, भोजन करवाया। रामजी को देखकर मुग्ध हो गये — 'जनु चकोर पूरन ससि लोभा' — जैसे चकोर पूर्ण चन्द्रमा देखकर लुभा जाये।#बालकाण्ड#जनक#विश्वामित्र स्वागत
आध्यात्मिक साधनाआध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए गृहत्याग जरूरी है या नहीं?गृहत्याग=अनिवार्य नहीं। गीता 5.2: 'कर्मयोग=सन्यास से श्रेष्ठ।' प्रमाण: जनक (राजा=जीवनमुक्त), कबीर (बुनकर=परम संत)। गृहत्याग: तीव्र वैराग्य+गुरु आदेश+कर्तव्य-पूर्ति बाद। अनुचित: कर्तव्य-त्याग/पलायन/दिखावा। गृहस्थ=सर्वश्रेष्ठ क्षेत्र। कमल=जल में रहकर अलग।#गृहत्याग#सन्यास#गृहस्थ