विस्तृत उत्तर
जानकी' नाम इसलिये पड़ा क्योंकि सीताजी राजा जनक की पुत्री हैं। 'जनक' + 'ई' = 'जानकी' (जनक की पुत्री/कन्या)।
बालकाण्ड में अनेक स्थानों पर सीताजी को 'जानकी' कहा गया — 'जोगु जानकिहि यह बरु अहई' — यह वर जानकी के योग्य है। 'तौ जानकिहि मिलिहि बरु एहू' — तो जानकी को यही वर मिलेगा।
यह सीताजी का सबसे प्रचलित नाम है — रामजी को 'जानकीनाथ', 'जानकीपति' और 'जानकीवल्लभ' भी कहते हैं।





