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जनक प्रश्नोत्तरी — 11 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित जनक विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 11 प्रश्न

आध्यात्मिक साधना

आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए गृहत्याग जरूरी है या नहीं?

गृहत्याग=अनिवार्य नहीं। गीता 5.2: 'कर्मयोग=सन्यास से श्रेष्ठ।' प्रमाण: जनक (राजा=जीवनमुक्त), कबीर (बुनकर=परम संत)। गृहत्याग: तीव्र वैराग्य+गुरु आदेश+कर्तव्य-पूर्ति बाद। अनुचित: कर्तव्य-त्याग/पलायन/दिखावा। गृहस्थ=सर्वश्रेष्ठ क्षेत्र। कमल=जल में रहकर अलग।

गृहत्यागसन्यासगृहस्थ
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'मिथिलेश' कौन हैं?

राजा जनक — मिथिला (जनकपुर) के राजा। मिथिला + ईश = मिथिलेश। अन्य नाम — विदेह, जनक, सीरध्वज। बालकाण्ड में — 'बेगि बिदेह नगर निअराया।'

बालकाण्डमिथिलेशजनक
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'जानकी' नाम क्यों पड़ा?

सीताजी राजा जनक की पुत्री हैं — जनक + ई = जानकी (जनक की कन्या)। बालकाण्ड में — 'जोगु जानकिहि यह बरु अहई।' सबसे प्रचलित नाम। रामजी को 'जानकीनाथ/जानकीवल्लभ' कहते हैं।

बालकाण्डजानकीसीता नाम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'विदेहकुमारी' कौन हैं?

सीताजी — राजा जनक (विदेह) की पुत्री। जनक को 'विदेह' कहते हैं (देह-भाव से परे)। सीताजी के अन्य नाम — जानकी, वैदेही, सीता, जनकसुता, भूमिजा।

बालकाण्डविदेहकुमारीसीता
रामचरितमानस — बालकाण्ड

सीता-राम विवाह तय होने पर राजा जनक ने किसे दूत बनाकर भेजा?

विशिष्ट नाम मानस में नहीं — जनक ने विश्वामित्रजी की सलाह पर दूत भेजे। दूतों ने दशरथ को सब समाचार सुनाये — धनुष भंग, जयमाला, बारात का निमन्त्रण। दशरथ प्रसन्न हुए, बारात की तैयारी शुरू।

बालकाण्डदूतजनक
रामचरितमानस — बालकाण्ड

विवाह में जनक ने कितना दहेज दिया?

अपार दहेज — दासी, दास, घोड़े, रथ, हाथी, गायें, वस्त्र, मणि, सोने के बर्तन, कम्बल, पटोरे — 'दाइज दीन्ह न जाइ बखाना' — जिसका वर्णन नहीं हो सकता।

बालकाण्डदहेजजनक
रामचरितमानस — बालकाण्ड

सीता-राम विवाह में कन्यादान किसने किया?

राजा जनक ने — 'गहि गिरीस कुस कन्या पानी। भवहि समरपीं जानि भवानी' — कुश हाथ में लेकर कन्या का हाथ पकड़कर भवानी (सीता) को भव (राम) को समर्पित किया। सीता-राम को शिव-पार्वती समान माना।

बालकाण्डकन्यादानजनक
रामचरितमानस — बालकाण्ड

राजा जनक ने अयोध्या में दूत क्यों भेजे?

धनुष भंग और जयमाला के बाद विवाह की औपचारिक प्रक्रिया के लिये। दशरथ को बारात लेकर आने का निमन्त्रण। वसिष्ठजी ने कहा — 'राजन राम सरिस सुत जाकें' — राम जैसे पुत्र हैं, बारात सजाओ।

बालकाण्डदूतजनक
रामचरितमानस — बालकाण्ड

शिवजी का धनुष (पिनाक) कहाँ से आया — किसने दिया?

शिव का धनुष (पिनाक) जनक वंश में पूर्वजों से चला आया। पुराणों अनुसार दक्ष यज्ञ विध्वंस के बाद देवताओं से जनक कुल में आया। मानस में विस्तृत उत्पत्ति नहीं — 'संकर चापु जहाजु' कहा गया।

बालकाण्डपिनाकशिव धनुष
रामचरितमानस — बालकाण्ड

जनकपुर में राजा जनक ने विश्वामित्रजी का कैसे स्वागत किया?

जनक ने ब्राह्मणों के साथ आकर दण्डवत किया, आसन दिया, चरण पखारे, भोजन करवाया। रामजी को देखकर मुग्ध हो गये — 'जनु चकोर पूरन ससि लोभा' — जैसे चकोर पूर्ण चन्द्रमा देखकर लुभा जाये।

बालकाण्डजनकविश्वामित्र स्वागत
आध्यात्मिक साधना

आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए गृहत्याग जरूरी है या नहीं?

गृहत्याग=अनिवार्य नहीं। गीता 5.2: 'कर्मयोग=सन्यास से श्रेष्ठ।' प्रमाण: जनक (राजा=जीवनमुक्त), कबीर (बुनकर=परम संत)। गृहत्याग: तीव्र वैराग्य+गुरु आदेश+कर्तव्य-पूर्ति बाद। अनुचित: कर्तव्य-त्याग/पलायन/दिखावा। गृहस्थ=सर्वश्रेष्ठ क्षेत्र। कमल=जल में रहकर अलग।

गृहत्यागसन्यासगृहस्थ

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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